हरिद्वार, 02 जून (हि.स.)। एक मामले पर कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बैंक व अन्यों पर मामला दर्ज होने की कवायद तेज हो गई है। बीते दिनों बिना इस्तेमाल किए क्रेडिट कार्ड से पैसे निकलने के मामले में निचली अदालत ने बैंक व अन्य पर केस दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता रेशु नेहरा ने बताया पीड़ित संजय सिंह पुत्र रोशन सिंह निवासी शास्त्री नगर ज्वालापुर, हरिद्वार ने आरबीएल बैंक व अन्य के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 156 (3) में लिखित शिकायत दायर की थी। दायर शिकायत में शिकायतकर्ता संजय ने बताया था कि उसे आरबीएल बैंक कर्मी ने एक क्रेडिट कार्ड जारी किया था। आरोप लगाया था कि बीते मार्च माह को क्रेडिट कार्ड मिलने से पूर्व ही क्रेडिट कार्ड से दो दिन पहले ही दो ट्रांजैक्शन हुई थी, जिसमें उसके क्रेडिट कार्ड से कुल तीन ट्रांजैक्शन के माध्यम से साढ़े 54 हजार रुपये निकाले गए थे। यही नहीं, उक्त धनराशि शिकायतकर्ता ने कभी भी क्रेडिट कार्ड से नही निकाली। उक्त धोखाधड़ी का शिकायतकर्ता को मोबाइल पर मेल व मैसेज चेक करने पर पता चला। जबकि क्रेडिट कार्ड शिकायतकर्ता के पास ही मौजूद था। शिकायतकर्ता ने किसी अन्य व बैंक कर्मियों पर मिलकर फर्जी रूप से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर उसके खाते में से पैसे निकालने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि क्रेडिट कार्ड मिलने से पूर्व उसपर बैंक कर्मचारियों के ओटीपी नम्बर पूछने के लिए फोन आए थे। शिकायत कर्ता ने बैंक कर्मचारियों व अन्य ने आपस में मिलकर धोखाधड़ी कर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर पैसे निकालने का आरोप व आशंका जताई । इस संबंध में शिकायतकर्ता ने स्थानीय कोतवाली ज्वालापुर व पुलिस के आलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता ने कोर्ट में केस दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायत दायर की। सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम मंजू देवी ने बैंक कर्मचारियों व अन्य पर केस दर्ज कर संबंधित थानाध्यक्ष को विवेचना करने के आदेश दिए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत




