नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने साल 2006 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में नामजद भाई-बहन की जोड़ी को 15 साल बाद गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 2009 में घोषित अपराधी घोषित किए गए दोनों की पहचान जोगिंदर सिंह और कमलजीत सिंह के रूप में हुई है। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने आईएएनएस को बताया कि 2006 में नांगलोई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। यादव ने कहा, जोगिंदर ने अपनी बहन के साथ मिलकर नाबालिग लड़की से शादी करने के लिए उसका अपहरण कर लिया था। वह उसे अपने पैतृक स्थान पर ले गया, जहां उसने उसे महंगी चीजें दीं। उस समय लड़की केवल 13 वर्ष की थी। बाद में पुलिस के दबाव के कारण उसने उसे दिल्ली में छोड़ दिया और भाग गए। प्राथमिकी के अनुसार 13 वर्षीय पीड़िता अपनी मां को यह बताकर घर से निकली थी कि वह अपने दोस्त के यहां जा रही है। लेकिन देर शाम तक जब वह वापस नहीं आई, तो परिजनों ने इलाके में उसकी तलाश की और पता नहीं चलने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि जोगिंदर और उसकी बहन कमलेश ने उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया था। आरोपियों के ठिकानों पर जब छापेमारी की गई तो दोनों फरार हो गए। जांच के दौरान पीड़िता को ढूंढ लिया गया और उसका मेडिकल टेस्ट करने के बाद उक्त मामले में आईपीसी की धारा 366 ए और 376 को शामिल किया गया। तमाम कोशिशों के बाद भी एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। बाद में, तीस हजारी कोर्ट ने 2009 में दोनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया। यादव ने कहा, पिछले एक महीने में, इंटर स्टेट सेल, क्राइम ब्रांच की टीम ने वांछित आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश का दौरा किया। आरोपी के माता-पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद दोनों अपने पैतृक गांव छोड़ गए। वे गुपचुप तरीके से पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होते थे। यादव ने कहा, हमने आखिरकार जोगिंदर को अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। उसकी बहन को कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन के बाहर से पकड़ा गया। –आईएएनएस एचके/एसजीके




