नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। बाहरी उत्तरी जिला की वाहन चोरी निरोधक शाखा (एएटीएस) ने लूटपाट करने वाले चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशों में से एक कंपनी का कर्मचारी भी है। जिसने नौकरी से निकाले जाने पर अपनी कंपनी के कैशियर से ही लूटपाट को अंजाम दिया। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से तीस हजार रुपये, घड़ी, लैपटॉप बैग और वारदात में इस्तेमाल कार और बाइक बरामद कर ली है। डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान बुध विहार निवासी रविंद्र सिंह, पीरागढी कैंप निवासी परमीत सिंह, मंगोलपुरी निवासी सागर, और टैगोर गार्डन निवासी दिनेश के रूप में हुई। एएटीएस में तैनात सिपाही अरुण को शालीमार बाग इलाके में लूटपाट करने वाले चार बदमाशों के प्रहलाद पुर आने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने कार और बाइक से पहुंचे बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि बदमाशों ने दिनेश के साजिश रचने के बाद अप्रैल माह में किंग्स टेक्सटाइल कंपनी में कार्यरत कैशियर रवि से लूटपाट की थी। जांच में पता चला कि दिनेश भी किंग्स टेक्सटाइल कंपनी में काम करता था। एक अन्य कर्मचारी के झगड़ा होने पर कंपनी ने उसे बिना नोटिस देकर निकाल दिया। जिसकी वजह से वह बेरोजगार हो गया। पैसे नहीं होने की वजह से उसने किंग्स टेक्सटाइल कंपनी के कैशियर रवि से लूट की योजना बनाई। रवि पैसे लेकर कंपनी के गांधी नगर स्थित कार्यालय जाता था। उसने यह बात अपने दोस्त साहिल को बताई। साहिल ने यह बात रविंद्र को बताकर उसे लूटपाट के लिए राजी कर लिया। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी




