जोधपुर, 22 मार्च (हि.स.)। निकटवर्ती भोजासर थाना क्षेत्र के आऊ कस्बे के बांसवाड़ा नगर ग्राम पंचायत में भीलों की ढाणी में सोमवार को आग लगने से दो वर्ष की मासूम बच्ची की मौत हो गई। कच्चे झोपड़े में अपने बेटा व बेटी को नींद में सुलाकर मां बाहर गई। वापस लौटी तब तक ढाणी में आग लगी हुई थी और पड़ौसी आग बुझाने में जुटे थे। आग लगते ही चार वर्षीय बेटा तो बाहर निकल आया, लेकिन दो वर्ष की बेटी अंदर ही रह गई। भोजासर पुलिस ने बताया कि भीलों की ढाणी निवासी उम्मेदाराम हमेशा की तरह सोमवार को अपनी मजदूरी पर चला गया। उम्मेदाराम व उनकी पत्नी पिछले साल ही परिवार से अलग हुए थे। अपनी मेहनत मजदूरी से एक झोपड़ी बनाई व दूसरी बनाने की तैयारी कर रहे थे। उसकी पत्नी घरेलू काम निपटा कर उसकी पत्नी चार वर्षीय पुत्र सुनील व दो वर्षीय पुत्री पूजा को सुलाकर किसी काम से बाहर गई। इस दौरान चूल्हे के ऊपर लटक रहे झोपड़े की घास ने आग पकड़ ली। दोपहर में हवा बहुत तेज चल रही थी। तब चूल्हे की चिंगारी के संपर्क में आ गई। आग लगते ही पड़ोस में रहने वाले लोग चिल्लाते हुए मदद को पहुंचे। तब तक अंदर सो रहा चार वर्षीय सुनील दौडक़र बाहर निकल आया, लेकिन पूजा अंदर आग से घिर गई। उसे बाहर निकलने का अवसर नहीं मिल पाया। पूजा की झुलसने से मौत हो गई। मासूम को बचाते तब तक तोड़ दिया दम : झोपड़े में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। मासूम का शव देख पति-पत्नी बिलख उठे। सूचना पर भोजासर थाना अधिकारी गोविंद सिंह राजपुरोहित मय जाब्ता तथा नायब तहसीलदार रमजान खान, हल्का पटवारी भरत लाल मौके पर पहुंचे। जब तक मासूम को बचाया जाता तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/संदीप




