नई दिल्ली, 9 दिसम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के कुन्नूर के पास बुधवार को हुई दुखद हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सशस्त्र बलों के जवानों का पार्थिव शरीर गुरुवार को शाम 7:46 बजे यहां पालम हवाई अड्डे पर लाया गया। भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, भारतीय वायुसेना का विमान सुलूर से पालम एयरबेस पहुंचा है। भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी सभी मृतकों के पार्थिव शरीर को लेकर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की ओर से देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और अन्य मृतक व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देने की उम्मीद है। सुरक्षा बल ने कहा कि अब तक केवल तीन नश्वर अवशेषों (पार्थिव शरीर) की पहचान हुई है, जिसमें जनरल रावत, मधुलिका रावत और ब्रिगेडियर एल. एस. लिद्दर शामिल हैं। उनके पार्थिव शरीर को संबंधित परिवारों को सौंपा जाएगा, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शवों की पहचान के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। बल ने कहा कि शेष शवों को पहचान के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने तक सेना बेस अस्पताल के शवगृह में रखा जाएगा। सभी मृतक जवानों के परिजन दिल्ली पहुंच गए हैं। भारतीय सेना द्वारा सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। सभी मृतकों के उचित सैन्य अंत्येष्टि की योजना बनाई जा रही है और करीबी परिवार के सदस्यों के साथ निकट परामर्श के साथ सभी प्रक्रियाओं को समन्वयित किया जा रहा है। इससे पहले दिन में दोपहर करीब 12 बजे सभी शवों को वेलिंगटन से सुलूर के काफिले में ले जाया गया था। सुलूर से, भारतीय वायु सेना के विमान में नश्वर अवशेषों को दिल्ली लाया गया। हादसे में बाल-बाल बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। उन्हें आगे के इलाज के लिए बेंगलुरु के कमांड अस्पताल ले जाया गया है। –आईएएनएस एकेके/एएनएम





