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Monday, March 9, 2026
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छत्‍तीसगढ़ व‍िधानसभा : बठेना कांड पर सदन रहा गर्म, भाजपा सदस्‍य दो बार हुए न‍िलंब‍ित

रायपुर, 09 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल समाप्त होते ही मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सदन में बठेना कांड पर स्थगन प्रस्ताव रखा। उपाध्यक्ष मनोज मंडावी द्वारा प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया गया। जिससे नाराज भाजपा सदस्यों ने गर्भगृह में जाकर नारेबाजी करने लगे और स्वयंमेव निलंबित हो गए। नारेबाजी न रुकते देख उपाध्यक्ष ने 10 मिनट के सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पाटन जो मुख्यमंत्री का क्षेत्र है अंतर्गत बठेना गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या हो जाती है। जिसे दुर्भाग्य से आत्महत्या बताया जा रहा है। सोमवार को हम सभी सदस्यों के साथ वहां गए और वारदात स्थल का निरीक्षण किया। दोनों बेटियों व उनकी मां को तार बांधकर छेना (गाय का कंडा) और पैरावट में रखकर जला दिया गया। जिनके केवल अवशेष मिले हैं। यह एक दुखद और दर्द विदारक घटना है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र का मामला था वहां जा सकते थे परिजनों को सांत्वना व सहायता दे सकते थे। न ही मुख्यमंत्री न ही कोई विधायक इस घटना पर संज्ञान लिया। इसपर काम रोक कर चर्चा की मांग की। वहीं विधायक शिव रतन शर्मा ने कहा कि निरीक्षण के दौरान विवेचक अधिकारी ने बताया कि पिता-पुत्र के हाथ व पैर जले हुए पाए गए ,साथ ही पेट में जलने के निशान मिले हैं। उनकी हत्या की गई है। प्रदेश सरकार गढ़बाे नवा अपराधगढ़ की ओर बढ़ रहा है। वहीं नारायण चंदेल ने कहा कि पांचों की हत्या की गई है। वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि नौ पन्ने का सुसाइड नोट मिला, लेकिन परिजनों को भी देखने को नहीं दिया गया। परिजनाें ने कहा कि हमें सुसाइड नोट दिखाते तो हम जान लेते कि किसने लिखा है। विधायक रंजना साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री के इलाके में ही इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के परिवार में पैरा और छेना एक जगह नहीं होते। विधायक डमरूधर पुजारी ने भी यही तर्क रखे। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हत्या है जबकि इसे आत्महत्या करार दिया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने इस पर सदन में चर्चा कराने की बात रखी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्या कोई पिता अपने बेटी पत्नी को इस तरह जलाकर मारेगा क्या। हमने वहां पाया कि दोनों बाप बेटे को जब फांसी से उतारा गया तो देखा गया कि दोनों के हाथ पैर जले हुए थे। अंत में विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मंडावी ने सदन की आसंदी से स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इसके बाद भाजपा विधायक विरोध जताने लगे। उन्होंने सरकार शर्म करो शर्म करो के नारे लगाये और उन्होंने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने की मांग रखी। भाजपा के सभी विधायक गर्भगृह में आने के कारण स्वयमेव निलंबित हो गए। सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा सदस्यों का निलंबन ज्योंं ही सभापति सत्यनारायण शर्मा ने खत्म किया, सभी सदस्य पुन: गर्भगृह में जाकर नारेबाजी करने लगे। सभापति ने स्वयंमेव निलंबन की जानकरी देते हुए बाहर जाने को कहा लेकिन सभी सदस्य गर्भगृह में ही नारेबाजी करते रहे। इस बीच सभा की कार्यवाही शोरगुल के बीच चलती रही। हिन्दुस्थान समाचार/चंद्रनारायण शुक्ल

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