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Thursday, March 5, 2026
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SGB vs Digital Gold : डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में कौन बेहतर ? निवेश से पहले दूर करें सारे संदेह

Gold Investment : सोने में निवेश के दो नए विकल्प SGB और Digital Gold काफी चर्चा में हैं। दोनों के अलग-अलग फायदे हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार। सोने की कीमतें लगातार गिर रही हैं। भारत में सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है। समय के साथ-साथ सोने में निवेश के तरीके भी बदले हैं। फिलहाल रिटर्न और सुरक्षा के लिहाज से SGB यानी Sovereign Gold Bond और Digital Gold काफी चलन में हैं। इन दोनों में निवेश के अपने-अपने फायदे हैं। हालांकि, एक समानता भी है। इनमें सोने की शुद्धता को लेकर समस्‍या नहीं आएगी। इसके अलावा लंबे समय में रिटर्न भी सोने के भाव के मुताबिक मिलेगा।

डिजिटल गोल्‍ड क्या है?

आपके पास फिजिकली न होकर डिजिटल वॉलेट में रखे जाने वाले सोने को डिजिटल गोल्‍ड कहते हैं। इसकी कीमत भी समय के साथ बढ़ती है। जरूरत पर इस सोने को ऑनलाइन बेच सकते हैं। सबसे अच्छी बात है कि आप इसमें 1 रुपए से भी निवेश कर सकते हैं। कई कंपनियां डिजिटल गोल्‍ड ऑफर करती हैं। गूगल पे (Google Pay) और फोनपे (PhonePe) जैसे पॉपुलर एप के माध्यम से भी डिजिटल गोल्‍ड खरीद सकते हैं। 

सरकारी बॉन्ड होता है सॉवरेन गोल्ड

सॉवरेन गोल्ड सरकारी बॉन्ड होता है। इसे RBI जारी करता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश से जोखिम की गुंजाइश कम होती है। यह बॉन्ड 1 ग्राम का होता है। मतलब 1 ग्राम सोने की कीमत के बराबर इस बॉन्‍ड की कीमत होगी। आप सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड के जरिए 24 कैरेट के 99.9% शुद्ध सोने में निवेश कर सकते हैं। इससे दोगुना मुनाफा मिलता है। एक मैच्योरिटी के समय निवेशक को मार्केट रेट के अनुसार पैसा मिलेगा और दूसरा सब्सक्राइबरों को 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज ऑफर करता है। RBI द्वारा वित्तीय वर्ष में कई बार जारी किया जाता है। इस बीच आप निवेश कर सकते हैं।

डिजिटल गोल्‍ड और सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड बेहतर कौन?

दरअसल, सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में 5 साल का लॉक-इन पीरियड रहता है। यह अवधि पूरी होने के बाद वह प्री-मैच्योर रिडंपशन करा सकता है। हालांकि, यह गोल्ड बॉन्ड 8 साल में मैच्योर होता है। दूसरी ओर डिजिटल गोल्‍ड में लॉक-इन पीरियड नहीं होता। इसको 24/7 ऑनलाइन खरीद या बेच सकते हैं। डिजिटल गोल्‍ड को फिजिकल गोल्‍ड में बदलने का भी ऑप्‍शन है, लेकिन सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में यह विकल्‍प नहीं दिया जाता है। सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में RBI की गारंटी है। डिजिटल गोल्‍ड किसी रेगुलेटर द्वारा मॉनिटर नहीं किया जाता। वैसे, डिजिटल गोल्‍ड इंश्‍योर्ड और सेक्‍योर्ड वॉल्‍ट्स में विक्रेता द्वारा स्‍टोर किया जाता है। उसके लिए ग्राहकों को चार्ज नहीं देना पड़ता है। 

निवेश और रिटर्न में क्या-कितना अंतर?

सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में कम-से-कम 1 ग्राम सोना खरीदना होता है। डिजिटल गोल्‍ड को सिर्फ 1 रुपए से निवेश शुरू कर सकते हैं। मतलब इसमें निवेश के लिए बड़ी रकम की जरूरत नहीं है। डिजिटल गोल्‍ड और सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड पर लोन ले सकते हैं। सॉवरेन गोल्‍ड की कीमत 24 कैरेट के गोल्‍ड के समान होती है। इस पर आपको 2.5% का सालाना ब्‍याज मुनाफे को बढ़ाता है। डिजिटल गोल्‍ड में इस तरह का अतिरिक्‍त ब्‍याज नहीं दिया जाता है। 

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