नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं। उनका बजट भाषण सुबह 11 बजे लोकसभा में शुरू होगा और यह उनके द्वारा पेश किया जाने वाला आठवां बजट भाषण होगा। इस बजट की तैयारी तेज़ी से चल रही है। हाल ही में वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी के बाद बजट की लॉक-इन प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया में सबसे पहले किस देश ने बजट पेश किया था?
केन्द्रीय बजट को लेकर सभी वर्गों को इससे बड़ी उम्मीदें रहती हैं खासकर मध्यवर्ग को। इस बार भी बढ़ती महंगाई के दौर में वे बड़ी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। बजट में कौन सी घोषणाएं होंगी, यह वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद ही स्पष्ट होगा। आपको बता दें कि दुनिया में सबसे पहले बजट इंग्लैंड में पेश हुआ था। इंग्लैंड में 1760 में पहली बार प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बजट पेश किया जाने लगा था। यहीं से यह प्रथा अन्य देशों में भी फैल गई, जहां इसे सरकारें पेश करने लगीं। बजट शब्द लैटिन भाषा के ‘बुल्गा’ शब्द से आया है, जिसे फ्रांसीसी में ‘बुगेट’ कहा जाता था। जब इसे इंग्लिश में लिया गया, तो यह ‘बोगेट’ बन गया, जो बाद में ‘बजट’ के रूप में जाना गया।
भारत में बजट की शुरुआत ब्रिटिश शासन से पहले हो चुकी थी। 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने देश की वित्तीय प्रणाली में सुधार के लिए एक प्रमुख अर्थशास्त्री, जेम्स विल्सन को भारत बुलाया था। उन्होंने 7 अप्रैल, 1860 को भारत का पहला केंद्रीय बजट पेश किया था। वहीं, स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन वित्त मंत्री आरके षणमुगम चेट्टी ने 26 नवंबर, 1947 को आज़ाद भारत का पहला बजट पेश किया था।




