नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । आज के दौर में पैन कार्ड और आधार कार्ड के बिना कोई भी बड़ा वित्तीय काम पूरा करना मुमकिन नहीं है। इसी वजह से सरकार ने दोनों दस्तावेजों को आपस में लिंक करना अनिवार्य किया था। लेकिन अभी भी लाखों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पैन को आधार से नहीं जोड़ा है। ऐसे लोगों के पैन कार्ड अब निष्क्रिय कर दिए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति इस निष्क्रिय पैन कार्ड का इस्तेमाल किसी भी वित्तीय लेनदेन में करता है, तो उसे आयकर अधिनियम की धारा 272बी के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस नियम के तहत हर ऐसे लेनदेन पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
निष्क्रिय पैन का इस्तेमाल बना सकता है जुर्माने का कारण
इनएक्टिव पैन से अगर कोई भी व्यक्ति बैंक खाता खोलता है या उसका संचालन करता है, निवेश करता है, संपत्ति खरीदता है, लोन के लिए आवेदन करता है या आयकर रिटर्न फाइल करता है, तो इन सभी मामलों में अलग-अलग ट्रांजैक्शन्स पर जुर्माना लग सकता है। सरकार ने अब ऐसे मामलों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और आयकर विभाग ने साफ कर दिया है कि हर गलत इस्तेमाल पर अलग से दंड लगाया जाएगा।
पैन निष्क्रिय क्यों होता है?
अगर आपने अपने पैन को अभी तक आधार से लिंक नहीं किया है, तो वह अब अमान्य हो गया है। निष्क्रिय पैन को टैक्स भरने और बाकी फाइनेंशियल प्रक्रियाओं में वैध नहीं माना जाता। इस स्थिति में उस पैन का उपयोग करना कानूनी उल्लंघन माना जाएगा, जिससे भारी आर्थिक दंड लग सकता है।
दो पैन रखना भी अपराध
अगर किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक पैन नंबर हैं, तो यह भी कानून के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में आयकर विभाग संबंधित व्यक्ति को सफाई का मौका देता है। अगर गलती अनजाने में हुई है और कारण सही पाया गया, तो जुर्माने से राहत मिल सकती है। लेकिन अगर लापरवाही या धोखाधड़ी पाई जाती है, तो जुर्माना तय किया जाएगा। ऐसे में अतिरिक्त पैन को सरेंडर करने के लिए व्यक्ति को ‘पैन डाटा में बदलाव/सुधार या पुनर्मुद्रण’ के विकल्प से ऑनलाइन आवेदन करना चाहिए।




