लखनऊ, एजेंसी। प्रदेश के चार कृषि विश्वविद्यालयों में एग्रीटेक स्टार्टअप योजना शुरू करने के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था के साथ ही छुट्टा गोवंश के रख-रखाव हेतु 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था सरकार ने की है। वित्तमंत्री ने कहा कि कृषकों की आय में अभिवृद्धि हेतु कृषि शिक्षा शोध एवं अनुराधान के साथ-साथ प्रसार कार्यक्रमों की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
एग्रीटेक स्टार्टअप योजना हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित
बजट भाषण को पढ़ते हुए वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश के चार कृषि विश्वविद्यालयों में एग्रीटेक स्टार्टअप योजना हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रोद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कृषि विश्वविद्यालय कानपुर, अयोध्या, चांदा तथा मेरठ में अवस्थापना कार्यों हेतु लगभग 35 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
अग्रिम भण्डारण हेतु 175 करोड़ रुपये
सरकार ने रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण हेतु 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित किया है। जिला सहकारी बैंकों के वित्तीय सुदृढीकरण हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं वर्ष 2021-2022 में 7,556.91 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है, जिससे 18.76 लाख कृषकों को लाभान्वित हुये। वर्ष 2022-2023 में दिनांक 30-11-2022 तक 6936.76 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर 15.41 लाख कृषकों को लाभान्वित किया गया ।
प्नधानमंत्री रोजगार सृजन योजना
वहीं पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत भारत सरकार के प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में लाभान्वित लाभार्थियों को ब्याज उपादान की सुविधा तीन वर्षों तक दिये जाने का प्रावधान है। इस योजना हेतु 10 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में माटी कला के पराम्परागत कारीगारों को रोजगार से जोड़ने के लिये भी सरकार ने 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है।
पशु रोग नियंत्रण हेतु 116 करोड़ 52 लाख रुपये
उन्होंने कहा कि प्रदेश के निराश्रित और बेसहारा गोवंश की समस्या के निराकरण के लिए प्रदेश के समस्त जनपदों में 187 वृहद गो-संरक्षण केन्द्र का निर्माण कराया जाना लक्षित है, जिसके सापेक्ष 171 केन्द्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। प्रदेश में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में निराश्रित गोवंश की समस्या के निराकरण हेतु बुन्देलखण्ड के प्रत्येक जनपद में 05-05 गो-आश्रय केन्द्र स्थापित और क्रियाशील है। छुट्टा गोवंश के रख-रखाव हेतु 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वृहद गौ संरक्षण केन्द्रों की स्थापना के लिए सरकार ने 120 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। वहीं पशु रोग नियंत्रण हेतु 116 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
होल सेल फिश मार्केट के लिये 257 करोड़ 50 लाख रुपये
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में भेड़ बाहुल्य जनपदों में भेड़ पालन योजना हेतु 3 करोड़ 44 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अन्तर्गत होल सेल फिश मार्केट के लिये 257 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। “मुख्य मंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। निषादराज बोट सब्सिडी योजनान्तर्गत 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन हेतु 206 करोड़ 27 लाख रुपये
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना हेतु 741 करोड़ 98 लाख रुपये, राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन हेतु 206 करोड़ 27 लाख रुपये की व्यवस्था है। वहीं उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति, 2022 के क्रियान्वयन हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश के कृषकों को गुणवत्तापूर्ण टिश्यू कल्चर केला पौध उपलब्ध कराने हेतु ऊतक सम्बर्धन प्रयोगशाला की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था है।





