रांची, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र के महत्वाकांक्षी भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत झारखंड के हिस्से में दो इंटर स्टेट एक्सप्रेस-वे आये हैं। तकरीबन पांच हजार करोड़ की लागत से बननेवाले ये दो एक्सप्रेस-वे झारखंड की तरक्की को नया रास्ता और नयी रफ्तार देंगे। कोलकाता मुंबई, भुवनेश्वर, रायपुर जैसे महानगरों और व्यावसायिक-औद्योगिक ²ष्टि से महत्वपूर्ण बिलासपुर, पारादीप, संबलपुर सहित कई शहरों से रांची एवं राज्य के कई शहरों की दूरी कम हो जायेगी। रांची से कोलकाता का फासला करीब 120 किलोमीटर कम हो जायेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि रांची से बोकारो के बीच एक्सप्रेसवे के लिए 1730 करोड़ रुपये की योजना को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी, जबकि ओड़िशा के संबलपुर से रांची के बीच बननेवाले 327 किलोमीटर किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की योजना को पिछले हफ्ते हरी झंडी दी गयी है। इस एक्सप्रेस-वे के तहत लिट्टीबाड़ा से रांची तक 150 किलोमीटर के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 3300 करोड़ रुपये की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की है। इसमें जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की रकम भी शामिल है। राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने इस एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट भी मंजूरी कर दिया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि यह एक्सप्रेस-वे ओडिशा के लिट्टीबाड़ा से शुरू होकर झारखंड के खूंटी होते हुए रांची से जुड़ेगा। इन दोनों एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। यह प्रयास हो रहा है कि जल्द सारी प्रक्रिया पूरी कर अगले साल जनवरी माह तक इसके निर्माण का भी टेंडर जारी कर दिया जाये। खास बात यह है कि ये दोनों एक्सप्रेस ग्रीन इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा होंगे। अब रांची से संबलपुर तक और धनबाद से रायपुर तक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे बनने का रास्ता साफ हो गया है। ये दोनों एक्सप्रेस-वे देश में अनूठे होंगे, क्योंकि इन पर जानवरों के लिए अलग ओवरपास बनेंगे। इससे वे जंगल से सुरक्षित आ-जा सकेंगे। साथ ही एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर 8 फुट ऊंची गार्ड वॉल बनायी जायेगी, ताकि दुर्घटनाएं न हों। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भी ऐसे ओवरपास व गार्ड वॉल बन रहे हैं। 2022 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। अगर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से पहले झारखंड के कॉरिडोर बन जाते हैं तो यह देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा, जिस पर गार्ड वॉल व जानवरों के लिए ओवरपास रहेंगे। इनका चयन पिछले अक्टूबर में ही हुआ था। दोनों एक्सप्रेस-वे मुंबई-हावड़ा हाईवे से मिलेंगे। इसके बनने से कोलकाता की दूरी 130 किमी घट जाएगी। –आईएएनएस एसएनसी/आरजेएस





