नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । कभी-कभी जिंदगी में आर्थिक परेशानियाँ एक साथ आ जाती हैं। मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत या अन्य जरूरी खर्चों के लिए पर्सनल लोन लेना पड़ता है। कई लोन होने पर हर महीने कई ईएमआई संभालना मुश्किल हो जाता है। सही रणनीति अपनाकर इस लोन लोड को आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
असल में, एक साथ कई लोन की EMI चुकाना किसी टाइम बम की तरह होता है। समय रहते इसे नियंत्रित न किया गया तो यह आपकी फाइनेंशियल हेल्थ पर गंभीर असर डाल सकता है। यहां 10 स्मार्ट स्ट्रेटेजी हैं, जो आपको इस जटिल लोन जाल से बाहर निकलने में मदद करेंगी।
1- EMI पेमेंट्स को ऑटोमेट करें
पहला और जरूरी कदम है अपने सभी लोन की EMI को ऑटो डेबिट पर सेट करना। इससे हर महीने की डेट याद रखने की जरूरत नहीं रहेगी और पेमेंट मिस होने का डर खत्म हो जाएगा। बेहतर होगा कि सभी ईएमआई की डेट एक जैसी हो और यह आपकी सैलरी के तुरंत बाद कटे, ताकि खर्च से पहले ही भुगतान हो जाए।
2- अपनी कुल देनदारी का पूरा डेटा तैयार करें
अपने सभी लोन का स्पष्ट ओवरव्यू बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए एक एक्सेल शीट तैयार करें, जिसमें हर लोन का नाम, ब्याज दर, बकाया ईएमआई, लोन टेन्योर और बाकी राशि दर्ज हो। इससे आपको पता चलेगा कि किस लोन पर कितना ब्याज खर्च हो रहा है और कौन सा लोन पहले चुकाना फायदेमंद होगा।
3- बजट बनाएं और रिपेमेंट प्लान
अब जब आपके पास सभी लोन की जानकारी है, तो एक मंथली बजट तैयार करें। इससे आपको यह समझ में आएगा कि खर्चों के बाद कितना पैसा बचता है, जिसे डेट रिपेमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। छोटे-छोटे खर्च जैसे बाहर खाना कम करना, सब्सक्रिप्शन घटाना या अनावश्यक खरीदारी रोकना बड़ी राहत दे सकता है।
4- कर्ज को एक साथ मिलाने की कोशिश करें
अगर आपके पास कई छोटे-छोटे लोन हैं, तो उन्हें एक ही लोन में कंसोलिडेट करना फायदेमंद होता है। इसे डेट कंसोलिडेशन कहते हैं। इससे EMI मैनेज करना आसान हो जाता है और हर महीने केवल एक ही पेमेंट डेट ट्रैक करनी पड़ती है, जिससे वित्तीय दबाव कम होता है।
5- सही डेट क्लियरेंस स्ट्रेटजी अपनाएं
आपके पास दो स्मार्ट विकल्प हैं। पहला, स्नोबॉल मेथड, जिसमें सबसे छोटे लोन को पहले चुकाया जाता है, जिससे जल्दी सफलता का मोटिवेशन मिलता है। दूसरा, एवलांच मेथड, जिसमें सबसे अधिक ब्याज वाले लोन को पहले चुकाया जाता है, जिससे कुल पैसे की बचत होती है। अपनी स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त तरीका चुनें।
6- बैंक से डेट रिस्ट्रक्चरिंग पर बात करें
अगर EMI चुकाना मुश्किल हो रहा है, तो बैंक से संपर्क करें। कई बैंक लोन की टेन्योर बढ़ा देते हैं या ब्याज दर घटा देते हैं, जिससे ईएमआई कम हो जाती है। कुछ बैंक आपके सभी लोन को जोड़कर नया लोन दे देते हैं, जिसे मैनेज करना आसान होता है। डेट रीस्ट्रक्चरिंग के विकल्प पर जरूर चर्चा करें।
7- बैलेंस ट्रांसफर का फायदा उठाएं
अगर आपके मौजूदा बैंक की ब्याज दर ज्यादा है, तो आप दूसरे बैंक में बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे ब्याज दर कम हो सकती है और EMI घट सकती है। हालांकि, ध्यान रखें कि पुराने बैंक को फोरक्लोजर चार्ज देना पड़ सकता है और नए बैंक में प्रोसेसिंग फीस भी लागू हो सकती है।
8- बोनस या लंपसम पैसे का सही उपयोग करें
जब भी आपको बोनस, इंसेंटिव या कोई लंपसम रकम मिले, उसे खर्च करने के बजाय लोन चुकाने में लगाएं। इससे आप किसी ऐसे लोन को जल्दी खत्म कर सकते हैं, जिसका ब्याज ज्यादा है या जिसे जल्द पूरा करना फायदेमंद हो।
9- क्रेडिट कार्ड बकाया को EMI में बदलें
अगर आप क्रेडिट कार्ड का बकाया अगले महीने तक स्थगित करते हैं, तो बैंक करीब 3.5% प्रति माह (42% वार्षिक) ब्याज वसूलते हैं। इसलिए बेहतर है कि बकाया रकम को ईएमआई में बदल दें, ताकि ब्याज कम हो और भुगतान आसान हो सके।
10- प्रोफेशनल डेट काउंसलर से सलाह लें
अगर वित्तीय स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है, तो किसी डेट काउंसलर की मदद लें। वे आपकी इनकम, खर्च और लोन के आधार पर एक रियलिस्टिक प्लान बनाएंगे, जिससे आप धीरे-धीरे कर्ज से बाहर निकल सकें और अपनी फाइनेंशियल हेल्थ सुधार सकें।
बता दें कि, कई बार जरूरी खर्चों के लिए लिए गए लोन हमारी फाइनेंशियल आजादी छीन लेते हैं। लेकिन अगर आप ये 10 स्मार्ट स्ट्रेटेजी अपनाएं, तो मल्टीपल पर्सनल लोन आसानी से मैनेज किए जा सकते हैं। थोड़ी अनुशासन और सही प्लानिंग से कर्ज का बोझ धीरे-धीरे कम होगा और आप एक दिन पूरी तरह डेट-फ्री बन जाएंगे।
“





