back to top
32.1 C
New Delhi
Wednesday, March 25, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

एयरटेल और जियो के लिए भारत में शुरू होने वाली है कड़ी प्रतिस्‍पर्धा, आ रही है स्टारलिंक

एलन मस्क की स्टारलिंक कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं बहुत जल्द भारत में लॉन्च होने जा रही हैं। स्टारलिंक ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने के लिए केंद्र सरकार को आवेदन किया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्‍क। एलन मस्क की स्टारलिंक कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं बहुत जल्द भारत में लॉन्च होने जा रही हैं। इसके लिए सैटेलाइट कंपनी ‘स्टारलिंक’ ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने के लिए केंद्र सरकार को आवेदन किया है। अगर सरकार इसके लिए अनुमति देती है तो भारत में सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल संभव हो जाएगा। वहीं, इसके शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा क‍ि सभी को बिना किसी रुकावट के इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। अभी भारत में रिलायंस जियो और एयरटेल, जियो एयरफाइबर और एयरटेल एक्सट्रीम एयरफाइबर के जरिए वायरलेस ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं देते हैं। 

2022 के बाद एयरटेल और जियो के ग्राहकों में हुई बढ़ोतरी

आपको बता दें कि 2022 के बाद एयरटेल और जियो के वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। ज‍िसको देखते हुए अन्‍य कंपन‍ियों को भी अपने लिए यहां फायदा ही फायदा नजर आ रहा है। फिलहाल जियो अपने ग्राहकों को वायरलेस फाइबर ब्रॉडबैंड की जरूरतें पूरी करता है। इसके लिए कंपनी जगह-जगह छोटे-छोटे एंटेना लगाती है। वहां से एयर फाइबर बॉक्स में लगे राउटर को इंटरनेट कनेक्शन मिलता है। ये जियोएयर फाइबर एंटेना आस-पास के मोबाइल टावरों से 5जी सिग्नल प्राप्त करते हैं और वाई-फाई राउटर के जरिए ग्राहकों के घरों तक पहुंचाते हैं। एयरटेल भी वायरलेस ब्रॉडबैंड कनेक्शन के जरिए ऐसी ही सेवा देता है। यानी सिग्नल 5जीमोबाइल टावरों के जरिए प्राप्त होते हैं और एंटेना के जरिए राउटर तक पहुंचाए जाते हैं। 

कुछ ऐसी है ‘​​Starlink’ की तकनीक

इस संबंध में बात ‘​​स्टारलिंक’ की करें तो इसमें सैटेलाइट से सीधे एंटेना तक सिग्नल दिए जाते हैं। यानी इस सेवा को पाने के लिए बड़े ग्राहक के घर में एंटेना लगाया जाता है। इंटरनेट सेवा सैटेलाइट से सीधे एंटेना तक सिग्नल प्राप्त करती है और प्रदान करती है। इसके लिए जमीन पर कोई बेस स्टेशन लगाने की जरूरत नहीं होती। स्टारलिंक के सैटेलाइट धरती की परिक्रमा करते हैं, जिनसे ये एंटेना सिग्नल प्राप्त करते हैं और ग्राहकों को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। इसलिए इंटरनेट सेवा बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेगी। यहां तक ​​कि तूफान और बारिश के मौसम में भी इस इंटरनेट सेवा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चूंकि ये आपातकालीन स्थितियों में भी काम करेंगे, इसलिए कहा जा रहा है कि अगर भारत में इसका इस्तेमाल हुआ तो ज्यादातर लोग स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा पर स्विच कर लेंगे। ऐसे में भारत की ये दोनों कंपन‍ियों एयरटेल और जियो के लिए भविष्‍य में बड़ी चुनौती ‘​​स्टारलिंक’ के जरिए आने जा रही है, ऐसा माना जा रहा है।

Advertisementspot_img

Also Read:

डीपफेक पर बड़ा एक्शन: X ने बदले नियम, Grok से हटेंगी आपत्तिजनक और अश्लील इमेज

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । कई देशों में विरोध और नियामक कार्रवाई का सामना करने के बाद आखिरकार एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...
spot_img

Latest Stories

Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के लिए कैसे अप्लाई करें? इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार की सबसे जनहितैषी योजना...

West Bengal Assembly Election 2026: Raniganj Seat पर टकटकी लगाए बैठी है BJP, TMC-CPI(M) की स्थिति भी मजबूत

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की लड़ाई...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵