RBI Decision: डिजिटल ट्रांजेक्शन में होगा बड़ा बदलाव, आरबीआई ने इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम को दी मंजूरी

Digital Transactions: इंटरनेट बैंकिंग में बड़ा बदलाव होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इंटरनेट बैंकिंग में इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम लाने के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया। @RBI एक्स सोशल मीडिया।

नई दिल्ली, रफ्तार। इंटरनेट बैंकिंग में बड़ा बदलाव होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इंटरनेट बैंकिंग में इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम (Interoperable Payment System) लाने के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने कहा कि इंटरनेट बैंकिंग के लिए आईपीएस (IPS) को इसी साल लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एनपीसीआई भारत बिल पे लिमिटेड (NBBL) को इंटरऑपरेबल सिस्टम को लागू करने की स्वीकृति दे दी है।

मर्चेंट्स के फंड सेटलमेंट तेजी से होंगे

गवर्नर ने बताया कि इससे मर्चेंट्स को बहुत आसानी होगी। इस सिस्टम के आने से मर्चेंट्स के फंड सेटलमेंट तेजी से होंगे। अभी इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) ट्रांजेक्शन की प्रोसेसिंग पेमेंट एग्रीगेटर्स (PA) के माध्यम से की जाती है। इसमें इंटरऑपरेबिलिटी की सुविधा नहीं है, जिससे बैंक को अलग-अलग ऑनलाइन मर्चेंट्स के पेमेंट एग्रीगेटर के साथ अलग-अलग इंटीग्रेट करना होता है।

पेमेंट एग्रीगेटर के साथ इंटीग्रेट करने में दिक्कत

RBI गवर्नर ने कहा कि अभी पेमेंट एग्रीगेटर्स के माध्यम से होने वाले बैंकिंग ट्रांजेक्शन इंटरऑपरेबल नहीं होते हैं। देश में कई पेमेंट एग्रीगेटर हैं, जिस वजह से हर बैंक को हर पेमेंट एग्रीगेटर के साथ इंटीग्रेट करने में दिक्कत आती है। कॉमन पेमेंट सिस्टम न होने से और ऐसे ट्रांजेक्शन के नियमों की कमी की वजह से मर्चेंट्स को पेमेंट रिसीप्ट में देरी होती है। कहा, इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम के कारण सेटलमेंट की रिस्क भी कम की जा सकेगी।

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