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करदाता अपने पुराने आईटीआर में दो साल में कर सकेंगे बदलाव

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। इस बार के केन्द्रीय बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और न ही कर दरों में परिवर्तन किया गया है। लेकिन सरकार ने आयकर रिटर्न में बदलाव की सुविधा दी है और पुराने आईटीआर को दो साल में अपग्रेड किया जा सकता है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पेश किए गए केन्द्रीय बजट 2022-23 को पेश करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे करदाताओं को अपने आईटीआर में किसी भी तरह की भूलचूक को ठीक करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यदि विभाग को पता चलता है कि आयकर दाता की ओर से आय विवरण में कोई जानकारी छूट गई है, तो यह निर्णय की एक लंबी प्रक्रिया से गुजरती है। इस तरह उसे काफी परेशानी उठानी पड़ती थी लेकिन यह नया प्रस्ताव करदाता में विश्वास को फिर से स्थापित करेगा। उन्होंने कहा, यह स्वैच्छिक कर अनुपालन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। बजट में कहा गया है कि जो व्यक्ति विकलांग है उसे कर में राहत दी जाएगी। दिव्यांगता का सामना कर रहे व्यक्ति के माता पिता या अन्य कोई अभिभावक ऐसे लोगों के लिए स्कीम ले सकते हैं। माता पिता या अभिभावक अपने विकलांग बच्चों के लिए बीमा स्कीम ले सकते हैं और विकलांग आश्रित के लिए वार्षिकी या एकमुश्त भुगतान पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा और इस पर आजीवन छूट दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा लाभों को बढ़ाने और उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाने के लिए, सरकार ने ऐसे कर्मचारियों के एनपीएस खाते में नियोक्ता के योगदान पर कर कटौती की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। --आईएएनएस जेके

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