Vedanta Group: सुप्रीम कोर्ट ने अब वेदांता को दिया झटका, यहां नहीं खुल सकेगा कॉपर स्टरलाइट प्लांट

Vedanta Copper Sterlite: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वेदांता को झटका दिया है। तमिलनाडु के तुतीकोरीन में वेदांता कॉपर स्टरलाइट प्लांट नहीं खुल सकेगा।
वेदांता ग्रुप और सुप्रीम कोर्ट।
वेदांता ग्रुप और सुप्रीम कोर्ट।रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वेदांता ग्रुप को झटका दिया है। तमिलनाडु के तुतीकोरीन में वेदांता कॉपर स्टरलाइट प्लांट नहीं खुल सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कॉपर स्टरलाइट प्लांट खोलने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा, हम मामले में दखल देने के लिए इच्छुक नहीं हैं। साथ ही तमिलनाडु सरकार के प्लांट बंद करने के फैसले को बरकरार रखा है।

हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मद्रास हाईकोर्ट के फैसले में कोई गलती नहीं है। बता दें, तमिलनाडु सरकार के फैसले को पहले मद्रास हाईकोर्ट में कंपनी द्वारा चुनौती दी गयी थी। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के पक्ष में फैसला दिया था। इस फैसले को वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

प्लांट में नियमों का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्लांट में बार-बार नियमों का उल्लंघन हुआ है। साल 2018 में तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थानीय लोगों के विरोध पर स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने का आदेश जारी किया था। आरोप लगाया था कि यह सुविधा गंभीर प्रदूषण पैदा कर रही, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। फैसले को बाद में अगस्त 2020 में मद्रास हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। इसके बाद वेदांता ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी व्यापक चिंताओं का अंदाजा

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी व्यापक चिंताओं का अंदाजा है। हमें देखना होगा कि कारखाना खुलने से लोगों की सेहत पर क्या असर होगा? वह सभी लोग यहां नहीं आ सकते, लेकिन हम उनकी चिंताओं एवं चुनौतियों से बेखबर नहीं रह सकते। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा ने वेदांता की याचिका पर सुनवाई में टिप्पणी की। वहीं, वेदांता के वकील श्याम दीवान ने कहा कि प्लांट को पर्यावरण मंज़ूरी साल 2007 में मिली थी। किसी ने उसे चुनौती नहीं दी थी।

हम हाईकोर्ट के निर्णय में भी गलती नहीं ढूंढना चाहते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम हाईकोर्ट के निर्णय में भी गलती नहीं ढूंढना चाहते। वेदांता उत्पादन के लिए आवेदन करता है तो वह बंद होने की परिस्थिति से अलग जाकर उद्योग की स्थिति देखनी होगी। पूरी तरह से हाईकोर्ट को दोष नहीं दे सकते। विशेषज्ञ समिति के अधिकार को भी प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। हम इसमें सख्त प्रशासनिक कानूनी नजरिया नहीं रख सकते है। CJI ने कहा कि हम इसे खुद पर लेकर तमिलनाडु हाईकोर्ट के आदेश को नकारते हैं और तीन साल बाद हमें पता चलता है कि प्लांट में खतरनाक रिसाव है तो नैतिक जिम्मेदारी की कल्पना करें।

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