नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। एक दिन पहले आई ऐतिहासिक तेजी के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन BSE सेंसेक्स 870 अंक लुढ़ककर 81,500 के आसपास ट्रेड हुआ, जबकि NSE निफ्टी भी करीब 200 अंक गिरकर 24,700 के करीब आ गया।
Infosys और Eternal जैसे शेयरों में गिरावट
आज के कारोबार में खास तौर पर इन्फोसिस के शेयरों में लगभग 2% की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा एटरनल लिमिटेड के शेयरों में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को आईटी और टेक सेक्टर में मुनाफावसूली के चलते नुकसान झेलना पड़ा।
सोमवार को आई थी 7 महीने की सबसे बड़ी उछाल
शेयर बाजार में यह गिरावट सोमवार की ऐतिहासिक तेजी के एक दिन बाद आई है। सोमवार को सीजफायर, अमेरिका-चीन ट्रेड डील और भारत-चीन सीमा पर तनाव में कमी जैसी खबरों ने बाजार में जबरदस्त जोश भर दिया था। सेंसेक्स ने 2975 अंक की छलांग लगाई थी और 82,429.90 पर बंद हुआ था। निफ्टी 916 अंक चढ़कर 24,924.70 पर पहुंचा था। यह तेजी पिछले साल लोकसभा चुनाव 2024 के रिजल्ट से पहले आई तेजी के बाद सबसे बड़ी थी। विशेषज्ञों के अनुसार, सोमवार की तेजी के पीछे कई सकारात्मक कारण थे अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड डील के तहत दोनों देशों ने आपसी शुल्कों में कटौती की है। अमेरिका ने चीनी सामान पर शुल्क 145% से घटाकर 30% किया। चीन ने अमेरिकी सामान पर शुल्क 125% से घटाकर 10% कर दिया इससे वैश्विक व्यापार में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी। भारत-चीन सीमा पर तनाव कम होने से भू-राजनीतिक जोखिमों में राहत मिली।
विशेषज्ञों की राय: गिरावट अल्पकालिक, बाजार फिर करेगा वापसी
जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि बाजार में सोमवार की तेजी विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी और घरेलू निवेशकों की भागीदारी से आई थी। वहीं, रेलिगेयर ब्रोकिंग के डिप्टी रिसर्च हेड अजित मिश्रा ने कहा कि अमेरिका-चीन डील ने निवेशकों में भरोसा पैदा किया, लेकिन आज की गिरावट प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और जल्द ही बाजार फिर से तेजी पकड़ सकता है। अमेरिका-चीन डील, भारत की स्थिर राजनीतिक स्थिति और विदेशी निवेशकों की वापसी जैसी सकारात्मक खबरें बाजार को समर्थन दे सकती हैं।





