नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स करीब 732 अंक टूटकर 80,718.30 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 197 अंक गिरकर 24,553.25 पर कारोबार करता देखा गया। ये गिरावट ऐसे समय में आई है जब भारत की जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े मजबूत दिखे हैं, लेकिन वैश्विक तनाव और अमेरिकी नीतियों की वजह से निवेशकों में डर बना हुआ है।
अमेरिका की टैरिफ नीति का असर, मेटल शेयरों में भारी गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील के आयात पर शुल्क 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया है। इस फैसले से मेटल सेक्टर को तगड़ा झटका लगा है और इन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। इसका असर बाजार की कुल भावनाओं पर भी साफ दिखाई दिया।
एशियाई बाजारों में भी दिखा दबाव
भारत ही नहीं, एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली जापान का निक्केई 1.21% गिरा टॉपिक्स इंडेक्स में 0.83% की गिरावट ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 भी 0.1% फिसला हालांकि, दक्षिण कोरिया का कोस्पी थोड़ा चढ़कर 0.03% ऊपर रहा। चीन, मलेशिया और न्यूजीलैंड के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।
शुक्रवार को भी बाजार में कमजोरी, लगातार दूसरे दिन गिरावट
पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था सेंसेक्स 81 अंक टूटकर 81,451.01 पर बंद निफ्टी 82.90 अंक गिरकर 24,750.70 पर बंद सोमवार को गिरावट और गहरी हो गई। हालांकि, गिरते बाजार के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजार पर भरोसा जताया है। मई 2025 में उन्होंने 19,860 करोड़ रुपये का निवेश किया। अप्रैल में एफपीआई ने 4,223 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था और स्थिरता की वजह से विदेशी निवेशकों की नजर अब भी भारत पर बनी हुई है।
वैश्विक तनाव से डरे निवेशक, आगे की चाल डेटा और नीतियों पर निर्भर
बाजार की मौजूदा गिरावट मुख्यत रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी व्यापार नीति से जुड़ी चिंताओं के कारण है। हालांकि, भारत के आर्थिक संकेतक मजबूत हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों में बाजार की चाल घरेलू आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।





