नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 448 अंकों की गिरावट के साथ 75,417.20 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 0.52% गिरकर 22,809.90 पर खुला। बाजार की शुरुआत से ही लाल निशान में कारोबार देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं।
सुबह के कारोबार में बड़ी गिरावट
शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 75,939.21 के पिछले बंद स्तर से यह 297 अंक नीचे 75,641.41 पर खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में 560 अंक से ज्यादा गिरकर 75,294 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, निफ्टी 22,809.90 पर खुलने के बाद तेजी से गिरकर 22,725 के स्तर तक पहुंच गया। आज के कारोबार में कुछ शेयरों ने ध्यान आकर्षित किया। नारायण हृदयालय, दिलीप बिल्डकॉन, एनआरबी बियरिंग्स, रेल विकास निगम, बोरोसिल रिन्यूएबल्स, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल, विप्रो और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों पर निवेशकों की नजर रही। हालांकि, M&M, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा स्टील और ONGC के शेयर शुरुआती गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।
1709 कंपनियों के शेयर लाल निशान में
आज के शुरुआती कारोबार में 1709 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ खुले, जबकि 731 कंपनियों के शेयर ग्रीन जोन में रहे। 152 कंपनियों के स्टॉक में कोई बदलाव नहीं देखा गया। Sun Pharma, HUL और Cipla जैसी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि M&M, टाटा स्टील और श्रीराम फाइनेंस जैसी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे। शुक्रवार को भी शेयर बाजार नुकसान में रहा था। सेंसेक्स 203 अंकों की गिरावट के साथ 75,935.96 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 0.50% गिरकर 22,916.00 के स्तर पर आ गया था। गॉडफ्रे फिलिप्स, एचडीएफसी बैंक, दीपक नाइट्राइट और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयर सबसे सक्रिय रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़ी गिरावट
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 3-3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 3.15% और निफ्टी स्मॉलकैप 4.16% नीचे आ गया। सेक्टर-वार सभी इंडेक्स लाल निशान में दिखे, जिसमें निफ्टी फार्मा इंडेक्स 3% से ज्यादा गिरा। निफ्टी मेटल, रियल्टी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि निफ्टी बैंक इंडेक्स 1% गिरा।
क्या हैं गिरावट के कारण?
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का असर: वैश्विक बाजारों में कमजोरी के चलते भारतीय बाजारों में भी दबाव देखने को मिला।
ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और संभावित दरों में बढ़ोतरी की आशंका बाजार में गिरावट का कारण बन रही है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा है।
कमजोर सेक्टोरल परफॉर्मेंस: फार्मा, मेटल और रियल्टी सेक्टर में भारी गिरावट ने बाजार को कमजोर किया।




