नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे अमेरिका से लेकर भारतीय बाजार तक हलचल मच गई। अमेरिकी बाजार में चांदी करीब 9% टूटकर बंद हुई, जबकि सोना भी 2% से ज्यादा गिर गया। इस तेज गिरावट ने ग्लोबल संकेतों का असर साफ दिखाया और निवेशकों के बीच बेचैनी बढ़ा दी। कीमती धातुओं में आई इस अचानक कमजोरी ने बाजार की दिशा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखा। Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर गुरुवार को अप्रैल वायदा के लिए सोना 6,400 रुपये टूटकर करीब 1.52 लाख रुपये पर आ गया। वहीं चांदी में और तेज गिरावट देखने को मिली-देर रात तक लगभग 26,000 रुपये फिसलने के बाद वायदा बाजार में एक किलो चांदी का भाव 2.37 लाख रुपये पर पहुंच गया। इतनी बड़ी गिरावट ने ट्रेडर्स और निवेशकों दोनों को सतर्क कर दिया।
गिरावट के बाद जोरदार वापसी, सोना-चांदी फिर चमके
एक दिन पहले आई बड़ी गिरावट के बाद शुक्रवार सुबह बाजार ने करवट ली और सोने-चांदी के भाव में फिर तेजी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे MCX पर मार्च वायदा के लिए चांदी 6,196 रुपये उछलकर 2,42,599 रुपये पर कारोबार कर रही थी। वहीं अप्रैल वायदा के लिए सोना 1,464 रुपये चढ़कर करीब 1.54 लाख रुपये पर पहुंच गया। अचानक आई इस रिकवरी ने संकेत दिया कि निवेशक गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देख रहे हैं, जिससे बाजार में दोबारा रौनक लौटती नजर आई।
रिकॉर्ड हाई से फिसले सोना-चांदी, निवेशकों के लिए बड़ा बदलाव
29 जनवरी 2026 को सोना 1.93 लाख रुपये और चांदी 4.20 लाख रुपये के अपने रिकॉर्ड हाई स्तर पर थे, लेकिन अब तस्वीर काफी बदल चुकी है। शुक्रवार को सोने की कीमत घटकर करीब 1.54 लाख रुपये और चांदी 2.42 लाख रुपये पर आ गई। यानी रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें तो सोना करीब 40,000 रुपये और चांदी लगभग 1.82 लाख रुपये तक सस्ते हो चुके हैं। इतनी बड़ी गिरावट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है और निवेशक अब आगे की दिशा को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
इंटरनेशनल मार्केट में टूटा सोना-चांदी का दम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव साफ नजर आया। अमेरिका के COMEX (COMEX/Spot) में सोना करीब 2.3-2.8% गिरकर लगभग 4,980 से 4,940 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ। वहीं चांदी में तो और बड़ी गिरावट देखने को मिली-कीमत लगभग 8.8% टूटकर 75-76 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। इस तेज गिरावट ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी और इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।





