नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। चांदी ने इतिहास रच दिया है। भारतीय वायदा बाजार MCX पर चांदी की कीमत पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर गई है। सोमवार को कारोबार के दौरान चांदी 3,00,532 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ एक रात में चांदी करीब 13,000 रुपये तक महंगी हो गई। कुछ महीने पहले यानी अप्रैल में चांदी की कीमत 95-96 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास थी, लेकिन अब इसमें जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। साल 2026 में अब तक चांदी की कीमत में 65,000 रुपये से ज्यादा की तेजी आ चुकी है।
जनवरी में ही 25% तक उछाल
जनवरी महीने में ही चांदी की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत का उछाल आ चुका है। मौजूदा समय में चांदी निवेश के लिहाज से सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली संपत्ति बन गई है। इसने शेयर बाजार और प्रॉपर्टी जैसे दूसरे निवेश विकल्पों को भी पीछे छोड़ दिया है। चांदी में इस तूफानी तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं। जिन यूरोपीय देशों ने इसका विरोध किया, उन पर अब अमेरिका भारी टैरिफ लगाने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका 1 फरवरी से फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत आठ यूरोपीय देशों के सामान पर 10% आयात शुल्क लगाएगा, जो जून तक बढ़कर 25% हो सकता है। इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल बन गया है।
अमेरिका और यूरोप आमने-सामने
यूरोपीय यूनियन भी अमेरिका को जवाब देने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोप अमेरिका के खिलाफ ‘एंटी-कोर्शन इंस्ट्रूमेंट’ (ACI) का इस्तेमाल कर सकता है। इसके तहत अमेरिकी सामान पर करीब 93 अरब यूरो का जवाबी टैक्स लगाया जा सकता है। इस तनाव का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर दिख रहा है। सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 1.6% चढ़कर 4,668 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है, जबकि चांदी 93 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है। प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी धातुओं में भी तेजी देखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों का डॉलर और सरकारी बॉन्ड से भरोसा कमजोर हुआ है। कैपिटल डॉट कॉम के एनालिस्ट काइल रोड्डा के मुताबिक, अमेरिका की नीतियों और बढ़ते कर्ज की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं। इसी कारण लोग तेजी से सोने और चांदी में पैसा लगा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका-यूरोप के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में चांदी और सोना दोनों ही नए रिकॉर्ड बना सकते हैं।





