नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जिस IPO का निवेशकों को बेसब्री से इंतजार था, उसकी लिस्टिंग ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कॉटन यार्न निर्माता सिद्धि कॉटस्पिन के शेयर NSE SME एक्सचेंज पर भारी गिरावट के साथ लिस्ट हुए और पहले ही दिन लोअर सर्किट पर बंद हो गए।108 में मिला IPO, 82.10 पर पहुंचा शेयर, निवेशकों को तगड़ा झटका । Siddhi Cotspin का IPO 108 प्रति शेयर के भाव पर आया था, लेकिन लिस्टिंग के समय इसका भाव 86.40 रहा यानी 20% की गिरावट के साथ शुरुआत। दिन के अंत तक शेयर गिरते-गिरते 82.10 के लोअर सर्किट तक जा पहुंचा। इस तरह IPO में निवेश करने वालों की पूंजी 24% तक घट गई।
IPO को मिला था शानदार रिस्पॉन्स, फिर भी लिस्टिंग रही कमजोर
कंपनी का IPO 19 से 23 सितंबर तक खुला था और इसे 4.21 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
QIB कैटेगरी: 17.53 गुना
NII कैटेगरी: 5.94 गुना
खुदरा निवेशक: 1.50 गुना
इतना जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलने के बावजूद लिस्टिंग के दिन निराशा हाथ लगी।
IPO से जुटाए गए पैसे का ऐसा होगा इस्तेमाल
कंपनी ने IPO से करीब ₹69.85 करोड़ जुटाए हैं। इसमें से8.97 करोड़ कर्ज चुकाने में 25.10 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए बाकी राशि कॉरपोरेट कार्यों में उपयोग होगी। इसके अलावा, ऑफ़र फॉर सेल (OFS) के तहत पुराने निवेशकों ने 15.24 लाख शेयर बेचे, जिसका पैसा सीधे उन्हें मिला।
कंपनी की प्रोफाइल और फाइनेंशियल स्थिति
2015 में स्थापित सिद्धि कॉटस्पिन कॉटन के धागे बनाती है और इनकी सप्लाई टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर्स, गारमेंट एक्सपोर्टर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को करती है।
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट: ढोली (अहमदाबाद, गुजरात)
स्पिनिंग कैपेसिटी: 29,736 स्पिंडल्स
सालाना उत्पादन: 90 लाख किग्रा कॉटन यार्न
वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो
FY23: 6.02 करोड़ मुनाफा
FY24: 12.18 करोड़
FY25 (अनुमानित): 13.08 करोड़
रेवेन्यू ग्रोथ (CAGR): 90%+
कर्ज में गिरावट: FY23 के ₹113.78 करोड़ से FY25 में ₹67.11 करोड़
सिद्धि कॉटस्पिन की बैलेंस शीट भले ही मजबूत दिख रही हो, लेकिन लिस्टिंग के दिन निवेशकों के मन में भरोसे की कमी साफ नजर आई। ऐसे में अब निगाहें कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों और बाजार के मूड पर टिकी होंगी।
कंपनी की स्थिति और वित्तीय आंकड़े
31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष में कंपनी की राजस्व 724.66 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष 581.18 करोड़ थी करीब 25% की वृद्धि।
उस वर्ष का शुद्ध लाभ 13.08 करोड़ रहा, जबकि 2024 में यह 12.18 करोड़ था।
कंपनी का कुल कर्ज मार्च 2025 तक घटकर 67.11 करोड़ हो गया, जबकि 2023 में यह 113.78 करोड़ था
रिज़र्व एवं अधिशेष (Reserves & Surplus) बढ़कर 59.98 करोड़ हो गया।
लिस्टिंग और शुरुआती प्रदर्शन उम्मीदों पर पानी
कंपनी के शेयर 26 सितंबर 2025 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किए गए।
हालांकि IPO को सब्सक्रिप्शन मिला, लेकिन Grey Market Premium (GMP) या सूची पूर्व भावना नकारात्मक रही, जिससे शुरुआती उत्साह कम मिला।
लिस्टिंग के समय शेयर की एंट्री 86.40 पर हुई IPO मूल्य 108 से लगभग 20% की गिरावट।
दिनभर गिरावट जारी रही और शेयर नीचे गिरे, अंततः ₹82.10 के लोअर सर्किट पर बंद हुआ। IPO निवेशकों को लगभग 23.98% का नुकसान।
IPO से मिले फंड का उपयोग कंपनी की योजनाएँ
25.10 करोड़ वर्किंग कैपिटल हेतु उपयोग होंगे।
8.97 करोड़ बकाया कर्ज चुकाने या पूर्व भुगतान पर खर्च होंगे।
बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और विस्तार में उपयोग की जाएगी।
निवेशक सतर्क रहें
सिर्फ IPO दस्तावेज़ पढ़ें, कंपनी के बिजनेस मॉडल, प्रतियोगी, जोखिम कारक जान लें।
निवेश को लम्बी अवधि के नजरिए से देखें।
छोटे हिस्सों में निवेश करें, पूरी पूँजी एक ही कंपनी में नहीं डुबाएँ।





