नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में आज फिर कमजोरी देखने को मिली. ग्लोबल मार्केट के निगेटिव संकेतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा. शुरुआती तेजी के बाद मार्केट फिसल गया। बीएसई सेंसेक्स: 200 अंक गिरकर 84,750 के करीब एनएसई निफ्टी: 72 अंक चढ़कर 25,940 पर कारोबार सेंसेक्स 210 अंक टूटकर 84,740.05 पर था, जबकि निफ्टी लगभग 70 अंक गिरकर 25,943.30 पर ट्रेड कर रहा था।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
अमेरिका और एशियाई बाजारों में आई गिरावट का असर भारतीय मार्केट पर भी देखने को मिला। एशियाई बाजारों की स्थिति जापान का निक्केई 2.25% की गिरावट रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी में भी 2.19% गिरावट रही। हांगकांग का हैंगसैंग 1% नीचे रहा, ऑस्ट्रेलिया का ASX200, 0.76% गिरावट पर रहा, डाउ जोन्स भी 557 अंक नीचे रहा और S&P 500 0.92% की गिरावट दर्ज की गई, नैस्डैक में 0.84% की कमजोरी देखी गई है।
निवेशकों की खरीदारी का हाल
सोमवार, 17 नवंबर को FIIs ने खरीदे 442 करोड़ के शेयर DIIs ने निवेश किया 1,466 करोड़ अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.03% बढ़कर 99.57 भारतीय रुपया 0.14% गिरकर 88.63 प्रति डॉलर डॉलर मजबूत होने पर उभरते बाजारों में दबाव बढ़ता है, जिसका असर भारत पर भी दिखा। सोमवार को मार्केट ने बढ़त के साथ दिन खत्म किया था। सेंसेक्स 388 अंक चढ़ा निफ्टी 26,000 के ऊपर बंद आज की कमजोरी ने कल की तेजी पर ब्रेक लगा दिया। ग्लोबल मार्केट की कमजोरी के चलते निवेशक आज रिस्क लेने से बचते नजर आए। एक्सपर्ट्स के अनुसार मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए ट्रेडिंग में समझदारी जरूरी है। यूरो, येन, पाउंड, स्विस फ्रैंक, कनाडाई डॉलर और स्वीडिश क्रोना इन छह विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की वैल्यू को मापने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) मंगलवार सुबह 0.03 परसेंट चढ़कर 99.57 पर पहुंच गया. इसी तरह से 17 नवंबर को रुपया 0.14 परसेंट गिरकर डॉलर के मुकाबले 88.63 पर बंद हुआ. इंडेक्स बढ़ने का मतलब डॉलर का मजबूत होना और गिरने का मतलब डॉलर के कमजोर होने से है।





