नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट के बाद गुरुवार को इसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला। ये आजभारी गिरावट के साथ खुला है। कल रात फेड रेट कट के फैसले के बाद अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट देखी गई है।
वैश्विक बिकवाली के बीच घरेलू बाजार भी गिरे
दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने 0.25 प्रतिशत की दर कटौती की घोषणा की, जो लगातार तीसरी कटौती है। जिससे बाजार की स्थिति बिगड़ गई और इसका असर वैश्विक बाजार समेत भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा गिर गया, जबकि निफ्टी में भी 321 अंक की गिरावट आई। उम्मीद के मुताबिक अमेरिकी फेड (US Federal Rate) ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की, लेकिन वैश्विक बिकवाली के बीच घरेलू बाजार भी गिर गए।
MFCG का निफ्टी इंडेक्स भी लगभग सपाट है
जब यूएस फेड ने 2025 में केवल दो दरों में कटौती का संकेत दिया, तो बाजार गिर गया। इसके चलते सेंसेक्स 79000 के लेवल तक गिर गया और निफ्टी भी 23900 के नीचे आ गया और BSE और NSE दोनों में गिरावट जारी रही। MFCG को छोड़कर सभी इंडेक्स में 2 फीसदी तक की गिरावट है, जबकि MFCG का निफ्टी इंडेक्स भी लगभग सपाट है।
सेंसेक्स 1162 अंक और निफ्टी 328 अंक गिरा
BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप रु. 5.93 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई है, यानी निवेशकों की संपत्ति में 5.93 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई है। 5.93 लाख करोड़ की कमी आई है. फिलहाल सेंसेक्स 1001 अंक नीचे 79,172 पर और निफ्टी 291 अंक नीचे 23,907 पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स 1162 अंक और निफ्टी 328 अंक गिरा।
निवेशक की पूंजी में 5,93,775.52 करोड़ रुपये की कमी आई है
एक कारोबारी दिन पहले यानी बुधवार को बीएसई पर सूचीबद्ध सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप रु. 4,52,60,266.79 करोड़। गुरुवार को बाजार खुलते ही यह गिरकर 4,46,66,491.27 करोड़ रुपये पर आ गया। इसका मतलब है कि निवेशको की पूंजी में रु. 5,93,775.52 करोड़ की कमी आई है।





