शेयर बाजार औंधे मुंह गिरा, सेंसेक्स 897 अंक तक टूटा और निफ्टी 18 हजार से नीचे फिसला

ग्लोबल मार्केट के कमजोर संकेतों की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार पर सुबह से ही लगातार दबाव बना हुआ था। इस दबाव की वजह से ही सेंसेक्स में आज जहां 897 अंक तक की गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार औंधे मुंह गिरा, सेंसेक्स 897 अंक तक टूटा और निफ्टी 18 हजार से नीचे फिसला

नई दिल्ली, एजेंसी । ग्लोबल मार्केट के कमजोर संकेतों की वजह से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर सुबह से ही लगातार दबाव बना हुआ था। इस दबाव की वजह से ही सेंसेक्स में आज जहां 897 अंक तक की गिरावट दर्ज की गई, वहीं निफ्टी भी 18 हजार अंक के नीचे फिसल गया। माना जा रहा है कि शेयर बाजार में बुधवार की गिरावट की एक बड़ी वजह आने वाले आम बजट को लेकर बनी अनिश्चितता भी रही।

इसके साथ ही ग्लोबल ग्रोथ रेट में कमी आने की आशंका और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार की जा रही बिकवाली के कारण भी घरेलू शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

बजट को लेकर अनिश्चितता का माहौल

जानकारों के मुताबिक आम बजट शॉर्ट टर्म में शेयर बाजार को काफी हद तक प्रभावित करता है। शेयर बाजार के कारोबारी बजट में किए गए ऐलान और घोषणाओं के आधार पर अलग-अलग सेक्टर को होने वाले नुकसान और फायदे का आकलन करके मार्केट में अपनी पोजीशन तय करने की कोशिश करते हैं। पिछले सालों की तरह इस बार भी बजट को लेकर कोई ठोस खबरें सामने नहीं आ रही है, जिसकी वजह से एक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

विदेशी निवेशक 1.6 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली कर चुके हैं

धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2022 की तरह ही 2023 में भी भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली करने का रुख बनाए रखा है। इस साल जनवरी के महीने में ही विदेशी निवेशक अभी तक 1.6 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली कर चुके हैं।

RBI ने वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत रहने का किया अनुमान

इसके साथ ही जीडीपी ग्रोथ रेट को लेकर भी अलग-अलग एजेंसीज की रिपोर्ट में अनुमान से कम ग्रोथ होने की आशंका जाहिर की गई है। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत का ग्रोथ रेट 5.6 प्रतिशत रहने की बात कही है। भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जाहिर किया था। ऐसे में अगर विकास दर में कमी आती है, तो इससे भी बाजार पर असर पड़ सकता है।

मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक अगर भारत की ग्रोथ रेट 5.6 प्रतिशत भी रहती है, तो ये जी-20 देशों में सबसे अधिक ग्रोथ रेट होगी। इसके बावजूद अनुमान से कम विकास दर होने की आशंका से निवेशक डरे हुए हैं।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व 1 फरवरी को ब्याज दरों को लेकर करेगा ऐलान

बाजार पर ग्लोबल मार्केट में चल रही हलचल का भी काफी असर पड़ा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व 1 फरवरी को ब्याज दरों को लेकर नया ऐलान करने वाला है। ग्लोबल मार्केट में सबकी नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के इस ऐलान पर टिकी हुई है।

इस बार अमेरिका में महंगाई दर में आई कमी को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर इससे अधिक की बढ़ोतरी का फैसला किया गया, तो इससे वॉल स्ट्रीट समेत वैश्विक स्तर पर बाजार में दबाव बढ़ सकता है।

आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में हुई गिरावट

सबसे अधिक बिकवाली आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में हुई है। इसके साथ ही ऑयल एंड गैस, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर सर्विसेज और टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर के शेयरों में भी विदेशी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की है। इस बिकवाली की वजह से घरेलू शेयर बाजार पर दबाव वाली स्थिति बनी है।

Related Stories

No stories found.