नई दिल्ली, 01 जून (हि.स.)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 9.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी को अगले वित्त वर्ष 2022-23 में इसके 7.9 फीसदी रहने का अनुमान है। मूडीज ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में ये जानकारी दी है। मूडीज ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के कारण फिर से लागू लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। लेकिन, यह प्रभाव कोरोना महामारी के पहली लहर की तरह ज्यादा गंभीर होने की आशंका नहीं है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की गिरावट आई है। लेकिन, चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 1.6 फीसदी रही। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में आर्थिक गतिविधियों में गिरावट का अनुमान है, लेकिन इसके बाद सुधार होगा। इसकी वजह से वास्तविक महंगाई समायोजित जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2021-22 में 9.3 फीसदी और अगले वित्त वर्ष 2022-23 में 7.9 फीसदी रह सकती है। इसके साथ ही मूडीज ने कहा कि लंबी अवधि में भारत की जीडीपी वृद्धि दर औसतन करीब 6 फीसदी रहने की उम्मीद है। गौरतलब है कि रेटिंग एजेंसी ने कुछ समय पहले जीडीपी वृद्धि दर के अपने पूर्वानुमान 13.7 फीसदी को घटाकर 9.3 फीसदी कर दिया था। हिन्दुस्थान समाचार/प्रजेश शंकर / प्रभात ओझा




