मुंबई, 10 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को वित्त वर्ष 22 की छठी और अंतिम मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान अपनी प्रमुख अल्पकालिक उधार दरों को बरकरार रखा। इसके अलावा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विकासोन्मुखी समायोजनात्मक रुख को बरकरार रखा गया। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए रेपो दर, या अल्पकालिक उधार दर को 4 प्रतिशत पर बनाए रखा। इसी तरह, रिवर्स रेपो दर को 3.35 प्रतिशत और मार्जिनल (एमएसएफ) दर और बैंक दर को 4.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया था। व्यापक रूप से यह अपेक्षा की गई थी कि एमपीसी दरों और समायोजनात्मक रुख को बनाए रखेगा –आईएएनएस आरएचए/आरजेएस





