नई दिल्ली, रफ्तार। स्टील कारोबारी सज्जन जिंदल के खिलाफ दर्ज रेप केस मामले में मुंबई पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। इसे बांद्रा मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन जिंदल के खिलाफ रेप का मामला झूठा था। शिकायतकर्ता महिला डॉक्टर ने उनको झूठे केस में फंसाने की कोशिश की थी।
घटना वाले दिन होटल नहीं गए थे जिंदल : पुलिस
बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) पुलिस को जांच में मालूम चला कि जिस दिन रेप किए जाने का आरोप महिला ने लगाया था उस दिन सज्जन जिंदल उस होटल में नहीं गए थे। क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने होटल के गवाहों की गवाही ली है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई थी FIR
मामले में दिसंबर 2023 में एफआईआर दर्ज की गई थी। महिला ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसके वकील ने कोर्ट को बताया था कि उसने पहली बार फरवरी 2023 में बीकेसी पुलिस से शिकायत के लिए संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने आवेदन को स्वीकार नहीं किया। महिला ने शिकायत में कहा था कि उसके साथ घटना 24 दिसंबर 2021 को हुई थी।
घटना के लंबे समय बाद दर्ज कराई थी FIR
पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट में बताया है कि उसने देखा कि महिला ने घटना के लंबे समय बाद शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े सबूत शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत नहीं किए जा सके हैं।
शिकायतकर्ता बयान दर्ज कराने के लिए नहीं हुई थी उपस्थित
जांचकर्ताओं का कहना है कि कोर्ट को लिखित में इससे भी बताया है कि शिकायतकर्ता को बार-बार बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था। इसके बाजवूद वह उपस्थित नहीं हुई थी। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता ने कोर्ट का समय बर्बाद किया है। पुलिस ने गवाहों की गवाही एवं एकत्र सबूतों के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि महिला के साथ गलत कृत्य नहीं हुआ था।
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