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सुप्रीम कोर्ट से राजस्थान डिस्कॉम्स को झटका, रिव्यू पिटिशन खारिज

नई दिल्ली, 18 मार्च (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राजस्थान डिस्कॉम के रिव्यू पिटिशन को खारिज कर अडानी पावर के पक्ष में कंपेनसेटरी टैरिफ के भुगतान के रास्ते को साफ कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब राजस्थान की तीन बिजली वितरण कंपनियों को अडानी राजस्थान पावर लिमिटेड (एआरपीएल) को 2010 से लेकर 2018 तक के लिए कंपेनसेटरी टैरिफ का भुगतान करना होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद एआरपीएल की शेयर ने भी तेज छलांग लगाई। कंपनी का शेयर आज के कारोबारी सत्र में पांच फीसदी की उछाल के साथ 91.5 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। ये इस शेयर का पिछले 52 सप्ताह का सर्वोच्च स्तर है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल सितम्बर में सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान की बिजली वितरण कंपनियों को पावर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत एआरपीएल को कंपेनसेटरी टैरिफ का भुगतान करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ राजस्थान की बिजली वितरण कंपनियों (राजस्थान डिस्कॉम्स) ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। ज्ञातव्य है कि अडानी राजस्थान पावर लिमिटेड ने इस तर्क के साथ कंपेनसेटरी टैरिफ का दावा किया था कि कोयले की पूरी उपलब्धता न होने के कारण बिजली के निर्माण के लिए उसे बाहर से कोयला मंगाना पड़ा था। इसलिए पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत बिजली वितरण कंपनियों को उसे कंपेनसेटरी टैरिफ का भुगतान करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के सितम्बर, 2020 के फैसले के तहत अडानी राजस्थान पावर लिमिटेड को करीब 5,000 करोड़ रुपये कंपेनसेटरी टैरिफ के रूप में मिलेंगे। अडानी राजस्थान पावर लिमिटेड और राजस्थान डिस्कॉम्स के बीच हुए करार के तहत एआरपीएल ने 660-660 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां कवई में लगाई थी। 1320 मेगावाट की कुल उत्पादन क्षमता वाले इस प्लांट से राजस्थान डिस्कॉम्स को ही बिजली की सप्लाई की जाती है। बिजली के उत्पादन के दौरान कोयले की कमी होने पर एआरपीएल ने इंडोनेशिया से कोयले का आयात किया था। ऐसे में कंपनी का प्रोडक्शन कॉस्ट टेंडर में अंकित कॉस्ट से बढ़ गया। कंपनी ने पावर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत इसी राशि की मांग राजस्थान डिस्कॉम्स से की थी। एआरपीएल की मांग के खिलाफ राजस्थान डिस्कॉम्स ने राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन (आरईआरसी) में याचिका दी, लेकिन यहां फैसला एआरपीएल के पक्ष में हुआ। इसके बाद राजस्थान डिस्कॉम्स ने अपीलेट ट्रिब्यूनल में याचिका दी, जहां ट्रिब्यूनल ने फैसला आने तक डिस्कॉम्स को कुल राशि के 70 फीसदी का भुगतान करने का आदेश दिया। इसके खिलाफ डिस्कॉम्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन सितम्बर 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने भी कुल राशि के 50 फीसदी का भुगतान करने का आदेश दिया। इसके खिलाफ डिस्कॉम्स ने रिव्यू पिटिशन दाखिल की, लेकिन आज वो भी खारिज हो गई। हिन्दुस्थान समाचार/योगिता/सुनीत

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