back to top
25.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

जोखिम नहीं, मुनाफा तय: पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में ₹1 लाख पर ₹44,995 ब्याज, जानें पूरी डिटेल

पोस्ट ऑफिस की 5 साल की TD स्कीम में ₹1 लाख जमा कर निवेशक ₹44,995 का पक्का ब्याज पा रहे हैं। वो भी सरकारी गारंटी और बिना किसी जोखिम के।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बढ़ती महंगाई और बैंकों की घटती एफडी ब्याज दरों के बीच डाकघर की टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम निवेशकों के लिए राहत की खबर बनकर सामने आई है। जहां कई बड़े बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज घटा चुके हैं, वहीं पोस्ट ऑफिस अब भी आकर्षक और तय रिटर्न दे रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है केंद्र सरकार की गारंटी, जो लोगों को उनके पैसे की पूरी सुरक्षा का भरोसा देती है।

बैंक एफडी से ज्यादा भरोसेमंद क्यों है पोस्ट ऑफिस TD?

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद बैंकों ने एफडी की ब्याज दरों में कमी कर दी है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाले विकल्प तलाश रहे हैं। पोस्ट ऑफिस की टीडी स्कीम ठीक उसी जरूरत को पूरा करती है। यह स्कीम बैंकों की एफडी की तरह ही काम करती है, लेकिन इसमें सरकारी सुरक्षा और स्थिर रिटर्न का फायदा मिलता है।

पोस्ट ऑफिस TD पर बैंकों से ज्यादा ब्याज



डाकघर में 1 से 5 साल की अवधि के लिए टाइम डिपॉजिट खाता खोला जा सकता है, जिसमें 1 साल पर 6.9%, 2 साल पर 7.0%, 3 साल पर 7.1% और 5 साल पर 7.5% ब्याज मिल रहा है। इन दरों के मुकाबले देश के ज्यादातर बड़े बैंक 5 साल की एफडी पर इससे कम ब्याज दे रहे हैं।

₹1 लाख पर मिलेंगे सीधे ₹44,995 ब्याज

अगर कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस की 5 साल की TD स्कीम में ₹1,00,000 जमा करता है, तो मैच्योरिटी पर उसे कुल ₹1,44,995 मिलते हैं। यानी पूरे ₹44,995 का फिक्स और सुरक्षित ब्याज। यही वजह है कि यह स्कीम तेजी से लोकप्रिय हो रही है और लोग इसे लॉन्ग टर्म सेविंग के लिए चुन रहे हैं।

हर उम्र के निवेशकों के लिए समान फायदा

पोस्ट ऑफिस TD स्कीम में सभी निवेशकों को समान ब्याज दर मिलती है। हालांकि इसमें बैंकों की तरह वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ नहीं दिया जाता, लेकिन इसके बावजूद सरकारी गारंटी और जोखिम-रहित रिटर्न इसे बेहद भरोसेमंद निवेश बनाता है।

सरकार तय करती है ब्याज दरें

डाकघर की सभी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने में की जाती है और इन्हें वित्त मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इससे निवेशकों को भरोसा रहता है कि उनकी जमा पूंजी सुरक्षित हाथों में है।

Advertisementspot_img

Also Read:

बीच में इंश्योरेंस पॉलिसी छोड़ी तो होगा बड़ा नुकसान! फैसला लेने से पहले जान लें पूरा सच

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बीच में इंश्योरेंस पॉलिसी छोड़ना आसान फैसला नहीं है, क्योंकि इसका सीधा असर आपकी जेब और भविष्य की सुरक्षा दोनों पर...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...