नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बढ़ती महंगाई और बैंकों की घटती एफडी ब्याज दरों के बीच डाकघर की टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम निवेशकों के लिए राहत की खबर बनकर सामने आई है। जहां कई बड़े बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज घटा चुके हैं, वहीं पोस्ट ऑफिस अब भी आकर्षक और तय रिटर्न दे रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है केंद्र सरकार की गारंटी, जो लोगों को उनके पैसे की पूरी सुरक्षा का भरोसा देती है।
बैंक एफडी से ज्यादा भरोसेमंद क्यों है पोस्ट ऑफिस TD?
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद बैंकों ने एफडी की ब्याज दरों में कमी कर दी है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाले विकल्प तलाश रहे हैं। पोस्ट ऑफिस की टीडी स्कीम ठीक उसी जरूरत को पूरा करती है। यह स्कीम बैंकों की एफडी की तरह ही काम करती है, लेकिन इसमें सरकारी सुरक्षा और स्थिर रिटर्न का फायदा मिलता है।
पोस्ट ऑफिस TD पर बैंकों से ज्यादा ब्याज
डाकघर में 1 से 5 साल की अवधि के लिए टाइम डिपॉजिट खाता खोला जा सकता है, जिसमें 1 साल पर 6.9%, 2 साल पर 7.0%, 3 साल पर 7.1% और 5 साल पर 7.5% ब्याज मिल रहा है। इन दरों के मुकाबले देश के ज्यादातर बड़े बैंक 5 साल की एफडी पर इससे कम ब्याज दे रहे हैं।
₹1 लाख पर मिलेंगे सीधे ₹44,995 ब्याज
अगर कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस की 5 साल की TD स्कीम में ₹1,00,000 जमा करता है, तो मैच्योरिटी पर उसे कुल ₹1,44,995 मिलते हैं। यानी पूरे ₹44,995 का फिक्स और सुरक्षित ब्याज। यही वजह है कि यह स्कीम तेजी से लोकप्रिय हो रही है और लोग इसे लॉन्ग टर्म सेविंग के लिए चुन रहे हैं।
हर उम्र के निवेशकों के लिए समान फायदा
पोस्ट ऑफिस TD स्कीम में सभी निवेशकों को समान ब्याज दर मिलती है। हालांकि इसमें बैंकों की तरह वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ नहीं दिया जाता, लेकिन इसके बावजूद सरकारी गारंटी और जोखिम-रहित रिटर्न इसे बेहद भरोसेमंद निवेश बनाता है।
सरकार तय करती है ब्याज दरें
डाकघर की सभी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने में की जाती है और इन्हें वित्त मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इससे निवेशकों को भरोसा रहता है कि उनकी जमा पूंजी सुरक्षित हाथों में है।





