नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अपने प्रचार के लिए ओयो ने एक हिंदी अख़बार में विज्ञापन छपवाया। इस विज्ञापन में OYO की तुलना भगवान से की गई जिसके बाद लोगों में आक्रोश पैदा हो गया है। लोगों ने इस कंपनी का विरोध किया। तो वहीं सोशल मीडिया पर ऑनलाइन #BoycottOYO ट्रेंड कर रहा है। कंपनी पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लग रहा है।
धार्मिक संगठनों में आक्रोश और नाराजगी
रितेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली OYO Rooms अपने इस नए विज्ञापन के बाद विवादों में घिर गई है। कंपनी के इस कदम से एक धार्मिक संगठनों में आक्रोश और नाराजगी पैदा हो गई है। प्रचार के लिए छपवाए गए इस विज्ञापन से बवाल मचा हुआ है। लोग इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगा रहे हैं।
इस विज्ञापन की टैगलाइन थी “भगवान हर जगह है”
दरअसल, कंपनी ने अपने प्रचार के लिए एक विज्ञापन छपवाया था। इस विज्ञापन की टैगलाइन थी “भगवान हर जगह है” उसके बाद “और OYO भी” । हर छोटे बड़े शहरों में OYO की व्यापक उपस्थिति मौजूद है और भगवान भी हर जगह होने की तुलना की दी। ऐसे में यह तुलना कई हिंदू संगठनों को पसंद नहीं आई, जिन्होंने इसे अपनी आस्था का अपमान बताया।
ऑनलाइन #BoycottOYO ट्रेंड
कंपनी के इस कदम से कई हिंदू संगठन आक्रोश में है। और सोशल मीडिया पर इसकी बहिष्कार की मांग की जा रही है। हिंदू संगठनों ने इसे आस्था का अपमान बताया है। और कंपनी से माफी की मांग की है। तो वहीं सोशल मीडिया पर हैशटैग #BoycottOYO सभी प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कर रहा था।
केवल ऐड नहीं, इस वजह से भी हो रहा विरोध
यह मामला एक विज्ञापन तक ही सीमित नहीं रहा। इससे पहले रितेश अग्रवाल के एक खुलासे पर भी बवाल मचा है। जिसके बाद कई धार्मिक संगठनों के निशाने पर OYO आ गया था। हुआ ये था कि, बीते कुछ दिनों में रितेश अग्रवाल ने एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि, कंपनी OYO की डिज़ाइन भगवान जगन्नाथ से प्रेरित है। अग्रवाल का मनाना है कि, लोगो में दो ‘O’ है जो कि भगवान की आंखों को दर्शाते हैं, जबकि ‘Y’ नाक का प्रतीक है। इस खुलासे के बाद विरोध और भी तेज हो गया। लोगों ने इस अग्रवाल के बयान की आलोचना की और इसे लेकर खंडन करने की मांग की।
OYO की ब्रांड रणनीति में बदलाव
सरकार के द्वारा नए नियम लागू होने के बाद कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। उसे ओयो को एक होटल के रुप में पुनः स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। पहले OYO कंपनी युवा यात्रियों और अविवाहित जोड़ों के लिए ठहरने और खानपान के लिए जानी जाती रही है। लेकिन अब कंपनी ने एक नई नीति पेश की है, जिसके तहत कुछ क्षेत्रों में अविवाहित जोड़ों को बुकिंग नहीं देने पर सहमत हुई है। हालांकि, OYO ने अभी तक इस नए विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, आतिथ्य क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माफ़ी मांगती है या अपने रुख पर कायम रहती है, यह देखना अभी बाकी है।





