नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । अगर आपने हाल ही में अपना पुराना मोबाइल नंबर बंद कराया है या किसी नए सिम पर स्विच किया है, तो यह खबर आपके लिए अहम है। इससे जुड़े बदलाव आपके बैंक, व्हाट्सएप या अन्य सेवाओं में अपडेट जरूरी हो सकते हैं, वरना संदेश और कॉल मिस होने की संभावना बढ़ जाती है।
अकसर लोग नंबर बदलने के बाद सोचते हैं कि पुराना सिम बेकार हो गया, लेकिन सच यह है कि कुछ महीनों में यह नंबर किसी और को दे दिया जाता है। अगर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं, तो आपका निजी डेटा, बैंक जानकारी और सोशल मीडिया अकाउंट नए यूजर के हाथों में जा सकता है।
कैसे किसी और को मिल जाता है आपका पुराना नंबर
टेलीकॉम कंपनियां बंद मोबाइल नंबर को करीब 90 दिन (तीन महीने) तक निष्क्रिय रखती हैं। अगर उस दौरान सिम एक्टिव नहीं किया गया, तो नंबर नए यूजर को दे दिया जाता है। ऐसे में अगर वह नंबर आपके बैंक, गूगल, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप से जुड़ा हो, तो नया यूजर OTP या रिकवरी मैसेज से आपकी निजी जानकारी तक पहुंच सकता है।
अगर आप नंबर बदल रहे हैं या पुराना सिम बंद कर रहे हैं, तो पहले अपने सभी बैंक अकाउंट, UPI ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नया नंबर अपडेट करें। Gmail, Facebook, WhatsApp, Paytm और Amazon जैसी सर्विसेज में “Change Mobile Number” या “Manage Account” विकल्प से नया नंबर जोड़ना जरूरी है।
इसके अलावा, अपने बैंक और वॉलेट ऐप्स से लॉगआउट करें और पुराने नंबर को डिलीट कर दें। 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को नए नंबर पर एक्टिव करें, ताकि किसी अनजान व्यक्ति को OTP या रिकवरी कोड न मिल सके और आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे।
सिम बदलने से पहले ये जरूर करें
अगर पुराना सिम अभी आपके पास है, तो फेंकने से पहले उसे पूरी तरह डिएक्टिवेट कराएं। फोन से उससे जुड़े सभी अकाउंट्स से लॉगआउट करें और डिवाइस को फैक्ट्री रीसेट करें। सिर्फ सिम निकालना पर्याप्त नहीं है। पुराने नंबर का अकाउंट्स से नामोनिशान भी मिटाना जरूरी है।
छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ा खतरा
अक्सर साइबर ठग छोड़े गए पुराने नंबरों का फायदा उठाते हैं और बैंक या सोशल मीडिया रिकवरी लिंक के जरिए आपके अकाउंट हैक कर सकते हैं। इसलिए नंबर बदलते समय इसे सिर्फ नया कनेक्शन न समझें, बल्कि अपनी डिजिटल सुरक्षा का ताला बदलें। नंबर बदलना आसान है, लेकिन डेटा खोना महंगा पड़ सकता है।




