नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हर कोई अपनी कमाई में से कुछ न कुछ सेविंग (Saving) कर उसे ऐसी जगह निवेश (Invest) करना चाहता है, जहां उसका पैसा सुरक्षित रहे और रिटर्न भी शानदार मिले। निवेश में अगर आप रिस्क नही उठाना चाहते है, तो आपको ऐसी एक शानदार सेविंग स्कीम की ओर रुख करना चाहिए। जो पैसा की सुरक्षा की गांरटी भी दे और अच्छे रिटर्न भी मिल सके।
ऐसी ही पोस्ट ऑफिस की एक सेविंग स्कीम है नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जो आपकी इस महत्वाकांक्षा और उद्देश्य को पूरा करने में एक बेहतरीन ऑप्शन साबित होगी। 5 साल वाली पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम- राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (VIII अंक) के तहत चाहे जितनी मर्जी उतने अकाउंट खोल सकते हैं और अधिकतम निवेश की भी कोई लिमिट नहीं है। आइए, इस स्कीम को लेकर विस्तार से जान लेते हैं।
कौन खोल सकता है NSC अकाउंट?
भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस सर्विस में एक वयस्क व्यक्ति खाता खोल सकता है। इसके अलावा, तीन वयस्क मिलकर संयुक्त खाता भी खोल सकते हैं। इतना ही नहीं नाबालिग या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की तरफ से अभिभावक भी पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट स्कीम के तहत अकाउंट खोल सकते हैं। 10 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग भी अपना खाता खोल सकता है।
कितनी राशि से निवेश की कर सकते शुरुआत?
आपको बता दें कि, भारतीय पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट योजना में महज 1000 रुपये से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है। इसके अलावा, इसमें 100 के मल्टीपल में आप चाहें जितनी रकम उतना निवेश कर सकते हैं। इसमें खास बात ये है कि, इस योजना में जमा की तारीख से 5 वर्ष पूरे होने पर जमा राशि मेच्योर (परिपक्व) हो जाती है।
निवेश की राशि पर कितना मिलेगा ब्याज
इंडिया पोस्ट ब अकाउंट पर फिलहाल 7.7 प्रतिशत का रिटर्न मिल रहा है, क्योंकि नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट स्कीम भारत सरकार की सेविंग स्कीम है तो इस वजह से इसमें निवेश की गई रकम पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार सभी छोटी बचत योजनाओं पर तिमाही आधार पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है।
कब बंद किया जा सकता है यह अकाउंट
इसमें एक बात को ध्यान रखें कि, NSC क 5 वर्ष से पहले बंद नहीं किया जा सकता, बशर्ते कुछ खास परिस्थिति न पैदा हो जाए। जैसे सिंगल अकाउंट की मृत्यु पर, या संयुक्त खाते में किसी या सभी खाताधारकों की मृत्यु हो जाए, राजपत्रित अधिकारी द्वारा किसी अकाउंट को गिरवी रखा गया हो या कोर्ट का कोई आदेश हो, तभी यह अकाउंट बंद हो सकता है।
इस कंडीशन में अकाउंट होता है ट्रांसफर
NSC स्कीम के तहत खोले गए अकाउंट को सिर्फ खाताधारक की मृत्यु पर नॉमिनी/कानूनी वारिस को, खाताधारक की मृत्यु पर संयुक्त धारक(ओं) को, कोर्ट के आदेश पर या निर्दिष्ट प्राधिकारी के पास खाते को गिरवी रखने पर ही अकाउंट को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है।
(Disclaimer: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)





