नई दिल्ली, रफ्तार। हाल के वर्षों में बिजनेस में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। इनकी भागीदारी में तेजी लाने के लिए सरकार कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए मुद्रा योजना, समृद्धि योजना आदि शुरू की है। यह सभी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक मदद देने में अहम हैं।
महिला कोइर स्कीम :
महिलाओं के कौशल विकास के लिए महिला कोइर योजना शुरू की है। योजना में नारियल इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाओं के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाएगा। स्कीम में महिलाओं को 2 महीने ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें 3 हजार रुपए इंसेंटिव के तौर पर दिया जाता है। कोई महिला प्रोसेसिंग यूनिट सेटअप करना चाहती है तो उन्हें 75 फीसदी तक का लोन भी दिया जाता है। स्कीम प्रधानमंत्री रोजगार निर्माण योजना अंतर्गत आता है।
महिला समृद्धि योजना :
योजना में महिलाओं को खुद के बिजनेस के लिए सरकार आर्थिक मदद देती है। स्कीम के तहत महिलाओं को 1.40 लाख तक का लोन मिलता है। इसमें उन्हें ब्याज की छूट दी जाती है। योजना का लाभ पिछड़े वर्ग की महिलाओं को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम होती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना :
गर्भवतियों के लिए मातृ वंदना योजना है। इसमें महिलाओं को 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। राशि महिलाओं के बैंक अकाउंट में सीधा जमा होती है। योजना का लाभ 19 साल या उससे ज्यादा आयु वाली महिलाओं को मिलता है।
मुद्रा लोन योजना :
पीएम नरेंद्र मोदी ने यह योजना शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य महिला बिजनेस को बढ़ावा देना है। इसकी मदद से महिला सूक्ष्म एवं लघु उद्योग शुरू कर सकती है। इसमें 10 लाख तक का लोन दिया जाता है।
सुकन्या समृद्धि योजना :
वर्ष 2015 में यह योजना शुरू हुई है। इसमें बेटियों की पढ़ाई या उनकी शादी के लिए निवेश किया जा सकता है। यह एक तरह की सेविंग स्कीम है। स्कीम का लाभ उसे मिलता है, जिसके नाम पर अकाउंट खोला जाएगा।
महिला शक्ति केंद्र योजना :
योजना वर्ष 2017 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करना है। उन्हें स्किल सिखाना भी है।
स्टैंडअप इंडिया योजना :
योजना 2016 में शुरू हुई थी। यह आर्थिक सशक्तिकरण एवं रोजगार पैदा करने के लिए शुरू किया गया था। इस योजना का विस्तार 2025 तक के लिए किया गया है। अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों के सामने आ रही चुनौतियों के लिए यह योजना शुरू की गई थी।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना :
योजना वर्ष 2016 में शुरू की गई थी। इसमें हर घर में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है। इसका फायदा शहर और ग्रामीण बीपीएल परिवार को मिलता है। इसमें एलपीजी कनेक्शन के लिए महिलाओं को 1,600 रुपए की आर्थिक सहायता की जाती है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ:
22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना शुरू हुई थी। इसका मकसद लिंगानुपात में कमी को रोकना एवं महिला को सशक्त करना है। योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है।
फ्री सिलाई मशीन योजना :
जो महिलाएं सिलाई-कढ़ाई में रुचि रखती हैं, उनके लिए सरकार ने फ्री सिलाई मशीन योजना शुरू की है। इसमें 20-40 वर्ष की महिलाएं आवेदन दे सकती हैं। महिलाओं के पति की इनकम 12 हजार रुपए से कम नहीं होनी चाहिए।
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