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जर्मनी में अभी अर्थव्यवस्था मंदी के कोई स्पष्ट संकेत नहीं

बर्लिन, 24 मई (आईएएनएस)। म्यूनिख स्थित आईएफओ इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक रिसर्च द्वारा जारी मासिक बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स अप्रैल के 91.9 अंक से बढ़कर मई में 93.0 अंक हो जाने से जर्मन अर्थव्यवस्था में रुझान उज्जवल हो गया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इंस्टीट्यूट के हवाले से कहा, अभी मंदी के कोई संकेत नहीं दिख रहा है। मुद्रास्फीति की चिंताओं, भौतिक बाधाओं और रूस-यूक्रेन संघर्ष के सामने जर्मन अर्थव्यवस्था ने साबित किया कि वह अपनी पुरानी स्थिति पर लौटने के लिए सक्षम है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ऊर्जा और मोटर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण जर्मनी में अप्रैल में मुद्रास्फीति 7.4 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 40 साल का सर्वोच्च स्तर है। पिछली बार कीमतों में तेजी की यह रफ्तार 1980 में शुरू हुए ईरान-इराक युद्ध के दौरान दिखी थी। फेडरेशन ऑफ जर्मन इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी जोआखिम लैंग ने कहा, ऊर्जा इंस्टीट्यूट आपूर्ति में व्यवधान से यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बहुत अधिक है। उन्होंने आगाह किया कि रूसी गैस निर्यात में रुकावट यूरोप में विकास को रोक देगी और यूरोपीय संघ में आर्थिक मंदी ला देगी। इस बीच, जर्मनी के लोग रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चिंतित है। प्रबंधन सलाहकार मैकिन्जे एंड कंपनी के एक हालिया अध्ययन के अनुसार, तीन में से एक नागरिक को डर है कि चल रहे संकट का आर्थिक विकास पर स्थायी प्रभाव पड़ेगा, और संभवत मंदी का कारण बन सकता है। उपभोक्ताओं और कंपनियों पर ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के प्रभावों को कम करने के लिए, जर्मनी की सरकार ने बुनियादी कर-मुक्त भत्ते में वृद्धि, लंबी दूरी के यात्रियों के लिए उच्च माइलेज भत्ते, सार्वजनिक परिवहन के लिए छूट टिकट के साथ-साथ कई उपायों को अपनाया है। --आईएएनएस पीटी/एमएसए

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