नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । दिवाली पर होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग का निवेशक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस साल दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जबकि मुहूर्त ट्रेडिंग 21 अक्टूबर को शाम 1:45 से 2:45 बजे तक होगी। BSE और NSE ने इसे लेकर आधिकारिक समय जारी कर दिया है। यह सत्र शुभ मुहूर्त में निवेश की परंपरा के तहत होता है।
दरअसल, दीपावली अमावस्या तिथि पर मनाई जाती है और इस वर्ष अमावस्या की शुरुआत 20 अक्टूबर से हो रही है। इसी कारण, 20 अक्टूबर को ही देशभर में दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। तिथि के अनुसार पूजा-पाठ और दीप जलाने का शुभ मुहूर्त इसी दिन निर्धारित किया गया है
हालांकि दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, लेकिन शेयर बाजार 21 अक्टूबर को दोपहर में मुहूर्त ट्रेडिंग के साथ त्योहार का जश्न मनाएगा। दिवाली 2025 के अवसर पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने छुट्टियों और मुहूर्त ट्रेडिंग के समय का शेड्यूल जारी कर दिया है।
हर साल की तरह इस बार भी दिवाली पर शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, इस बार समय में बदलाव किया गया है। आमतौर पर शाम को होने वाली यह ट्रेडिंग इस वर्ष दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक होगी। बीएसई और एनएसई ने इस विशेष सत्र का आधिकारिक समय जारी कर दिया है।
मुहुर्त ट्रेडिंग को लेकर कंफ्यूज?
बीएसई द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 22 अक्टूबर (बुधवार) को बलिप्रतिपदा के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेगा। सामान्य कारोबार 23 अक्टूबर से दोबारा शुरू होगा। वहीं, 20 अक्टूबर को दीपावली के दिन बाजार में पूरे दिन सामान्य ट्रेडिंग होगी, जब देशभर में पर्व की धूम देखने को मिलेगी।
सबसे पहले जांच करें वेबसाइट
शेयर बाजार की वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 21 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को लक्ष्मी पूजन के अवसर पर बाजार बंद रहेगा। इस दिन केवल दोपहर 1:45 से 2:45 बजे तक मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन होगा। वहीं, 22 अक्टूबर (बुधवार) को बलिप्रतिपदा पर भी बाजार बंद रहेगा, जिससे निवेशकों को लगातार दो दिन की छुट्टी मिलेगी।
मुहुर्त ट्रेडिंग में इमोशनल से बचें
मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय परंपरा में नए वित्तीय वर्ष, इस बार सम्वत 2082, की शुभ शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। निवेशक इस मौके पर नए निवेश कर इसे सौभाग्य और समृद्धि का संकेत मानते हैं। हर साल की तरह इस बार भी इक्विटी, फ्यूचर, ऑप्शन, करेंसी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में लेन-देन की अनुमति दी जाएगी।
NSE और BSE दोनों ने स्पष्ट किया है कि मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान किए गए सौदे सामान्य नियमों के तहत सेटल होंगे। हालांकि यह सत्र प्रतीकात्मक माना जाता है, लेकिन कई निवेशक इसे नए निवेश की शुरुआत और अपने दीर्घकालिक पोर्टफोलियो में शुभ लाभ की उम्मीद से जोड़कर विशेष महत्व देते हैं।
बाजारों के एक्सपर्ट का कहना है कि, दिवाली के अवसर पर सकारात्मक माहौल और त्योहारी उत्साह से बाजार में हल्की तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, वे निवेशकों को सलाह देते हैं कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान भावनाओं में बहकर बड़े जोखिम लेने से बचें और अपने निवेश को सूझ-बूझ के साथ करें ताकि बेहतर परिणाम मिल सकें।
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)





