नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दीवाली का त्योहार भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार से जुड़ी कई मान्यताएं और परंपराएं हैं। इन्हीं में से एक परंपरा है महुर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) की। भारतीय शेयर बाज़ार शनिवार, इतवार और किसी भी सार्वजनिक छुट्टी के दिन नहीं खुलता है। लेकिन दीवाली के दिन शेयर मार्केट एक घंटे के लिए खुलता है। इस घंटे में शेयर मार्केट में Muhurat Trading की जाती है।
क्यों होती है Muhurat Trading?
दीवाली को शुभ के आगमन का प्रतीक माना जाता है। हिंदू परिवारों में दीवाली को किसी भी बड़े काम की शुरुआत, किसी नई चीज़ को घर लाने के लिए शुभ माना जाता है। इस मौके पर लोग गाड़ी, घर, जमीन, गहने, कपड़े से लेकर घर की सजावट और रंग रोगन पर इनवेस्ट करते हैं। मान्यता है कि इससे घर और जीवन में सकारात्मकता आती है।
इसी तरह, पुराने दौर में ट्रेडर्स दीवाली के दिन महुरत देखकर अपने बहीखातों की पूजा किया करते थे। कई स्टॉक ब्रोकर्स दीवाली के मौके पर पुराने खातों का सेटलमेंट करके नया खाता शुरू करते थे, क्योंकि दीवाली उनके लिए शुभ और नई शुरुआत का प्रतीक है। यही परंपरा आगे चलकर महूरत ट्रेडिंग में बदल गई और शेयर मार्केट के दोनों बड़े एक्सचेंजेस NSE और BSE ने परंपरा के तौर पर इसे जारी रखा। इस एक घंटे की Muhurat Trading में इनवेस्टर्स लॉन्ग टर्म फायदे की उम्मीद में बड़े शेयर्स पर पैसे लगाते हैं।
इस बार कब होगी Muhurat Trading?
इस बार महुर्त ट्रेडिंग 1 नवंबर को होगी। महुर्त ट्रेडिंग का समय शाम 6 से 7 बजे के बीच का होगा। वहीं प्री-मार्केट ट्रेडिंग शाम 5.45 बजे शुरू हो जाएगी। इस दिन शेयर मार्केट केवल एक घंटे के लिए खुलेगा, हालांकि, इसमें प्रोसेस ठीक वैसा ही होगा जैसा आम दिनों में होता है।
Muhurat Trading में कौन कर सकता है इनवेस्ट?
महुर्त ट्रेडिंग में हर वो व्यक्ति इनवेस्ट कर सकता है जिसके पास एक्टिव Demate Account है। इस दिन अनुभवी इनवेस्टर्स तो ट्रेडिंग करते ही हैं, अगर आपने पहले कभी ट्रेडिंग नहीं की और शुभ महुर्त पर कुछ नया करना चाहते हैं तो महुर्त ट्रेडिंग से शुरुआत करना आपके लिए अच्छा हो सकता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शेयर मार्केट में पैसा लगाने से पहले अच्छे से रिसर्च जरूर करें। इनवेस्टमेंट के लिए मार्केट एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें।





