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मिशन रेल कर्मयोगी के तहत 51,000 से अधिक फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे बदलते वक्त के अनुसार खुद को ढालने के प्रयास के तहत मिशन रेल कर्मयोगी के तहत 51,000 से अधिक फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। रेलवे के अनुसार इन कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया है, जिन्हें स्वयं रेल मंत्रालय के तहत एक केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थान, भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षित किया गया है। आईआरआईटीएम में 28 फरवरी, 2022 से मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट (आईआरआईटीएम) के प्रत्येक बैच में विभिन्न क्षेत्रों के सात डिवीजनों के मास्टर ट्रेनर्स हैं। अब तक, मास्टर प्रशिक्षकों के 8 बैचों में 49 डिवीजन (आधे से अधिक आईआर डिवीजन) शामिल हैं और 8वां बैच वर्तमान में आईआरआईटीएम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। ये मास्टर ट्रेनर पहले ही क्षेत्र में 51,000 से अधिक फील्ड प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित कर चुके हैं। मिशन कर्मयोगी को 20 सितंबर, 2020 को भारत सरकार द्वारा दुनिया में कहीं भी सबसे महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण पहल के रूप में लॉन्च किया गया था। रेल मंत्रालय ने सबसे पहले सरकारी कर्मचारियों के ²ष्टिकोण और कौशल में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान का जवाब दिया। क्षमता निर्माण और व्यवहार परिवर्तन के विशेषज्ञों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अनुकूलित पाठ और ऑडियो-विजुअल सामग्री विकसित करने के लिए शामिल किया गया है। यह परियोजना छह महीने की अवधि में लगभग एक लाख फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का प्रयास करती है। मिशन रेल कर्मयोगी का उद्देश्य नागरिक केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान करके इन फ्रंटलाइन कर्मचारियों के ²ष्टिकोण को बदलना है- पहला उन्हें सेवा करने का इरादा विकसित करने में मदद करना और दूसरा उनकी सेवा करने की क्षमता का निर्माण करना। रेलवे के सभी 68 डिवीजनों से नामित एक हजार फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को रेल मंत्रालय के तहत एक केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थान, भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान में मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर शेष रेलवे कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से फील्ड में प्रशिक्षित करेंगे। सभी प्रशिक्षित कर्मचारियों का मूल्यांकन एक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म का उपयोग करके किया जाएगा और उन्हें विधिवत प्रमाणित किया जाएगा। विकसित पाठ्यक्रम सामग्री को बाद में रेलवे कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए भारत सरकार के ऑनलाइन प्रशिक्षण मंच आईजीओटी पर भी शामिल किया जाएगा। –आईएएनएस पीटीके/एएनएम

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