नई दिल्ली, 11 मई (हि.स.)। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 9.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। एजेंसी ने मंगलवार को देश की आर्थिक वृद्धि दर के अपने पूर्वानुमान में करीब 4 फीसदी कटौती कर दिया है, पहले उसने 13.7 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान जताया था। मूडीज ने इसके साथ ही भारत की सॉवरेन रेटिंग को भी नकारात्मक परिदृश्य के साथ बीएए-3 पर रखा है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि आर्थिक वृद्धि के रास्ते में अड़चनें, ऊंचा ऋण और कमजोर वित्तीय प्रणाली का सॉवरेन साख पर असर पड़ता है। एजेंसी का कहना है कि ‘भारत कोविड-19 की दूसरी लहर का सामना का कर रहा है, जो निकट-अवधि के आर्थिक सुधार को धीमा और लंबी अवधि के विकास की गति को कम कर सकता है। एजेंसी का अनुमान है कि अप्रैल-जून तिमाही तक आर्थिक उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव रहेगा। लेकिन, वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था मजबूती से रिकवरी करेगी गौरतलब है कि इससे पहले जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने चालू वित्त वर्ष में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर को घटाकर 10.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। हिन्दुस्थान समाचार/प्रजेश शंकर




