Disinvestment Target: मुश्किल में मोदी सरकार! 2 महीने में पूरा करेगी 51 हजार करोड़ के विनिवेश का सपना साकार?

Disinvestment Target Update: चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार को विनिवेश के मोर्चे पर झटका लगने वाला है। विनिवेश के माध्यम से सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 51 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।
पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।
पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार को विनिवेश के मोर्चे पर झटका लगने वाला है। विनिवेश के माध्यम से सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 51 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। मगर, यह आंकड़ा अभी काफी दूर है। दरअसल, अब दो महीने का ही समय बचा है। संभव है कि इस साल भी सरकार लक्ष्य से दूर रह जाए। पिछले साल यानी बजट- 2023 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थि कि 51 हजार करोड़ रुपए विनिवेश से जुटाए जाएंगे, लेकिन सरकार के निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के अनुसार 23 जनवरी 2024 तक 12504 करोड़ रुपए ही जुटा पाई है। यह निर्धारित लक्ष्य से 25 फीसदी से भी कम है।

पहले भी लक्ष्य से चूकी है सरकार

इससे पहले सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 में विनिवेश के जरिये 65 हजार करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 35293 करोड़ रुपए जुटा पाई। वहीं, मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में विनिवेश से होने वाली आय के अनुमान में भारी कटौती कर इसे 1.75 लाख करोड़ रुपए से घटाकर 78 हजार करोड़ रुपए किया था, लेकिन संसोधित 78 हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया। सरकार को वित्त वर्ष 2021-22 में विविनेश से कुल 13,534 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। तब सरकार ने कहा था कि लगातार दो वित्त वर्षों में कोरोना काल के कारण विनिवेश का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाए। मगर, सच है कि इससे पहले भी सरकार कई बार विनिवेश लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकी है।

2.10 लाख करोड़ में सिर्फ 32885 करोड़ जुटा पाई थी सरकार

वर्ष 2020-21 में विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ का राजस्व जुटाने का लक्ष्य था। तब मोदी सरकार ने सिर्फ 32885 करोड़ रुपए जुटा पाए थे। सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में वित्त वर्ष 2019-20 में पहले विनिवेश से 1.05 लाख करोड़ रुपए जुटाने का ऐलान किया था। फिर संशोधित कर टागरेट 65 हजार करोड़ रुपए रखा गया था। वर्ष 2019-20 में विनिवेश प्राप्ति 50299 करोड़ रही थी। सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 80 हजार करोड़ रुपए विनिवेश के जरिए हासिल करने का लक्ष्य रखा था। सरकार इस लक्ष्य से आगे निकलकर 84972 करोड़ हासिल की थी।

2017-18 में लक्ष्य से ज्यादा जुटाई थी रकम

सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में विनिवेश से 1 लाख करोड़ रुपए हासिल करने का लक्ष्य रखा था। सरकार ने 1,00,056 करोड़ जुटा लिए थे। यानी लक्ष्य से थोड़ी ज्यादा रकम जुटाई थी। वित्त वर्ष 2016-17 में वित्त-वर्ष 2016-17 में मोदी सरकार ने विनिवेश के जरिये 56500 करोड़ का जुटाने लक्ष्य रखा था। 46247 करोड़ ही हासिल कर सकी थी। वित्त वर्ष 2015-16 में 2015-16 में विनिवेश से 69500 करोड़ हासिल करने का लक्ष्य था। तब सरकार महज 23997 करोड़ हासिल कर सकी थी। सरकार ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए 58425 करोड़ रुपए का विनिवेश लक्ष्य रखा था। सरकार इस मद से 26068 करोड़ रुपए ही जुटा पाई थी।

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