नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यमुना एक्सप्रेस वे आस पास बसी जमीन मालिको के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। बीते 5 सालों में यमुना एक्सप्रेस वे से सटी जमीनों में काफी उछाल देखने को मिला है। जहां एक तरफ जमीनों के रेट ने 450 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी गई है, वहीं फ्लैट के रेटों में 170 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि इस खबर से जमीन मालिकों में तो खासी खुशी देखने को मिल रही है जबकि खरीदारों के माथे में चिंता की लकीरें पड़ गई हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे के आस पास का एरिया बना निवेशकों का हब
गीतांजली हाउसमेट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी सामने आई है कि बीते पांच साल में यमुना एक्सप्रेसवे के आस पास का एरिया इंवेस्टमेंट हब बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार 2019 के बाद से इस क्षेत्र में जमीनों के रेट में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2019 के दौरान फ्लैट की लागत 2800-3000 रुपये प्रति वर्ग के बीच थी, जबकि अब बढ़कर 8000 रुपये प्रति वर्ग से भी ज्यादा हो गई। ऐसे में लगातार बढ़ोतरी होते देख निवेशकों के लिए फायदे का सौदा हो गया है।
बढ़ती हुई कीमतों की क्या वजह रही
कोरोना काल के बाद से अब तक कीमतों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। 2023 में सरकार ने यहां जेवर एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी थी जिसके बाद इन बढ़ती हुई कीमतों की रफ्तार और तेज हो गई। इसकी एक दूसरी वजह दिल्ली-मुंबई औधोगिक गलियारा भी है जो बेहतर कनेक्टिविटी देता है। सरकार के इन फैसलों ने कीमतों की वृद्धि में बड़ा योगदान दिया है। आज ये आलम है कि यमुना एक्सप्रेस के पास जमीनों की कीमत 6900-7100 रुपये तक पहुंच गई हैं। यह दर्शाता है कि इसमें बीते पांच साल में तकरीबन 450 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।





