नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने अपनी नई PAN 2.0 परियोजना को मंजूरी दे दी है जो PAN (Permanent account number) और TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) सेवाओं को अधिक सरल तेज और सुरक्षित बनाएगी। इस परियोजना को 25 नवंबर 2024 को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) से मंजूरी मिली।
PAN 2.0 का उद्देश्य
PAN 2.0 परियोजना का मुख्य उद्देश्य PAN और TAN से संबंधित सभी सेवाओं को एकीकृत करना है। अब तक ये सेवाएं तीन अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध थीं लेकिन इस परियोजना के तहत सभी सेवाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। इसमें PAN और TAN के आवेदन, अपडेट, आधार-पैन लिंकिंग, दोबारा जारी करने के अनुरोध और ऑनलाइन पैन सत्यापन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
सुविधाएं और लाभ
सभी सेवाओं का एकीकृत पोर्टल: PAN और TAN से संबंधित सभी सेवाएं अब एक पोर्टल पर मिलेंगी जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल होगी।
कागज रहित (पेपरलेस) प्रक्रिया: यह परियोजना पूरी तरह से डिजिटल और कागज रहित होगी जो पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।
निःशुल्क पैन जारी करना: पैन का आवंटन अब निःशुल्क यानी फ्री होगा और प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
सुरक्षा में सुधार: पैन डेटा को सुरक्षित रखने के लिए उन्नत सुरक्षा उपायों का पालन किया जाएगा।
समर्पित हेल्पडेस्क: उपयोगकर्ताओं के सवालों और समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित कॉल सेंटर और हेल्पडेस्क उपलब्ध होगा।
क्या मौजूदा पैन धारकों को नया पैन कार्ड बनवाना होगा?
नहीं, मौजूदा पैन धारकों को पैन 2.0 के तहत नया पैन कार्ड बनवाने की आवश्यकता नहीं है। पुराने पैन कार्ड वैध बने रहेंगे लेकिन यदि कोई अपडेट या सुधार करना हो तो वे इसे निःशुल्क (Free) कर सकते हैं।
QR कोड का इस्तेमाल
पैन कार्ड में क्यूआर कोड पहले से ही उपलब्ध है और इसे पैन 2.0 परियोजना में और बेहतर बनाया जाएगा। इससे पैन कार्ड की जानकारी को आसानी से सत्यापित किया जा सकेगा।
पैन 2.0 परियोजना का उद्देश्य करदाताओं को बेहतर और तेज सेवा देना है जिससे आयकर विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और नागरिकों को एक सहज अनुभव मिलेगा।





