नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इस सप्ताह निफ्टी बढ़ते-बढ़ते 20000 अंक पार जा चुका है। बाजार में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की होड़ लग चुकी है। इस सप्ताह 4 आईपीओ आने हैं। इनसे कंपनियां 4673 करोड़ रुपए जुटाएंगी। अगले हफ्ते भी 3000 करोड़ रुपए के चार आईपीओ आएंगे। आरआर केबल, सैमी होटल्स, जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज और यात्रा ऑनलाइन का आईपीओ इस हफ्ते आ रहा है। अगले हफ्ते सिग्नेचर ग्लोबल, अपडेटर सर्विसेज, साई स्किल्स (कलामंदिर) और वैभव ज्वेलर्स के आईपीओ आएंगे।
आईपीओ की सरगरमी बढ़ने की कई वजह
आईपीओ की सरगर्मी बढ़ने के कई कारण हैं। बाजार में उछाल, आईपीओ की मांग बढ़ने और तिमाही नतीजों में खुलासे के लिए खास नियम से कंपनियां आईपीओ लाने में तेजी दिखाई हैं। आज निफ्टी 20084 पर पहुंचा है। इसने यह आंकड़ा पहले नहीं छुआ था। सेंसेक्स लगातार 9वें कारोबारी सत्र में बढ़त पर बंद हुआ है। दोनों सूचकांक 9 सत्रों में 4 प्रतिशत चढ़े हैं।
वित्तीय आंकड़े दो तिमाही से अधिक पुराने हैं तो मंजूरी नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक शेयर बाजार में मजबूती से कंपनियों को आईपीओ लाने की हिम्मत बढ़ी है। बाजार में हाल में दिखी तेजी भी कारण हैं। जो कंपनियां इस महीने आईपीओ लाने से चूकेंगी, उन्हें अप्रैल-जून तिमाही का वित्तीय ब्योरा भी आईपीओ मसौदे (डीआरएचपी) में देना होगा। नियामकीय निर्देश के अनुसार आईपीओ दस्तावेज में वित्तीय आंकड़े दो तिमाही से अधिक पुराने हैं तो कंपनियों को आईपीओ लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जून तिमाही के वित्तीय नतीजों पर निर्भर करेगी भूमिका
बैंकरों के मुताबिक तिमाही आंकड़ों को अपडेट करने में कम से कम चार हफ्ते का वक्त लग सकता है। इससे कंपनियों के सामने बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम आ सकता है। ऐक्सिस कैपिटल के संयुक्त प्रबंध निदेशक और सह-मुख्य कार्याधिकारी चिराग नेगंधी का कहना है कि इस समय जून तिमाही के वित्तीय नतीजों के साथ मांग किस तरह रहती है, उसकी भी भूमिका होगी। पर्याप्त मांग नहीं होने से आईपीओ सफल नहीं हो सकता।
इस महीने निफ्टी 4.2 प्रतिशत चढ़ा
सितंबर में अब तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 4.2 प्रतिशत चढ़ा और नई ऊंचाई पर पहुंचा है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.7 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 में 2.9 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई है।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें :- www.raftaar.in




