नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कई भारतीय विदेश में रहकर काम कर रहे हैं और वे भारत के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनके महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदेश में रहने वाले भारतीयों ने इस साल 129 अरब डॉलर भारत भेजे हैं। ये आंकड़ा इतना बड़ा है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के कुल बजट से भी ज्यादा है। उल्लेखनीय है कि लंबे समय से विदेशों में रहने वाले भारतीय दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा रुपया हिंदुस्तान भेज रहे हैं। इस साल के आंकड़ों को देखें तो जो राशि भारत भेजी गई वह मेक्सिको को प्राप्त कुल प्रेषण से दोगुने से भी अधिक है। जो पाकिस्तान (67 अरब डॉलर) और बांग्लादेश (68 अरब डॉलर) के संयुक्त बजट से भी अधिक है। यह 129 अरब डॉलर राशि है।
पिछले साल यह बढ़ोतरी 1.2 फीसदी थी
विश्व बैंक के अर्थशास्त्रियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत 129 अरब डॉलर के साथ पहले स्थान पर है, जबकि मेक्सिको 68 अरब डॉलर के साथ दूसरे, चीन 48 अरब डॉलर के साथ तीसरे, फिलीपींस 40 अरब डॉलर के साथ चौथे और पाकिस्तान 33 अरब डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर है। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों से, भारत को हर साल 100 अरब डॉलर से अधिक रेवेन्यू मिल रहा है। वर्ष 2020 इसका अपवाद था क्योंकि कोरोना महामारी के कारण भारत का बाहर से आया हुआ पैसा केवल 83 बिलियन डॉलर था। इस वर्ष भारत को प्राप्त पैसे में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पिछले साल यह बढ़ोतरी 1.2 फीसदी थी।
साल 2023 के मुकाबले 2024 में 4 अरब डॉलर बढ़ी राशि
भारत द्वारा प्राप्त भेजे हुए पैसों की संख्या भारत में कुल विदेशी निवेश से अधिक थी। इस साल सितंबर तिमाही तक भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 62 अरब डॉलर रहा। साथ ही, इस वर्ष भेजा हुआ पैसा भारत के रक्षा बजट से अधिक हो गया है। इस साल भारत का रक्षा बजट 55 अरब डॉलर था। पिछले 10 वर्षों में भारत के प्रेषण में 57 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले दशक में, भारत को प्रेषण में लगभग एक ट्रिलियन डॉलर (982 बिलियन डॉलर) प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2014 में भारत को प्राप्त भेजा हुआ पैसा का आंकड़ा 70 बिलियन डॉलर, 2015 में 69 बिलियन डॉलर, 2016 में 63 बिलियन डॉलर, 2017 में 69 बिलियन डॉलर, 2018 में 79 बिलियन डॉलर, 2019 में 79 बिलियन डॉलर, 83 बिलियन डॉलर था। 2019. 2020, 2021 में 105 अरब डॉलर, 2022 में 111 अरब डॉलर, 2023 में 125 अरब डॉलर और इस साल यानी 2024 में 129 अरब डॉलर यह राशि है।





