नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के डिजिटल युग में क्रेडिट कार्ड सिर्फ शॉपिंग या ट्रैवल की सुविधा नहीं, बल्कि फाइनेंशियल लाइफ का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग, फ्लाइट टिकट बुकिंग, होटल पेमेंट या अचानक आई जरूरत-हर जगह क्रेडिट कार्ड काम आता है। लेकिन जैसे ही कोई नया क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आवेदन करता है, सबसे पहले जिस चीज की जांच होती है, वह है CIBIL स्कोर।
अक्सर कई लोगों को आवेदन करते ही रिजेक्शन का मैसेज मिल जाता है और वजह बताई जाती है खराब सिबिल स्कोर। ऐसे में लोगों के मन में यह डर बैठ जाता है कि क्या खराब CIBIL स्कोर होने पर उन्हें कभी नया क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेगा? आइए इस सवाल का जवाब विस्तार से समझते हैं।
क्या है CIBIL स्कोर और क्यों है इतना जरूरी?
CIBIL स्कोर एक तीन अंकों की संख्या होती है, जो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाती है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। बैंक आमतौर पर 750 या उससे ऊपर के स्कोर को अच्छा मानते हैं। वहीं, अगर स्कोर 600 से नीचे है, तो यह संकेत देता है कि आपने पहले लोन या क्रेडिट कार्ड की EMI या बिल समय पर नहीं चुकाए। ऐसे ग्राहकों को बैंक ‘हाई रिस्क कस्टमर’ मान लेते हैं।
क्या RBI ने खराब स्कोर वालों पर रोक लगाई है?
यह जानना बेहद जरूरी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है, जो खराब CIBIL स्कोर वाले व्यक्ति को क्रेडिट कार्ड देने से रोकता हो। दरअसल, क्रेडिट कार्ड जारी करना पूरी तरह बैंकों और कार्ड कंपनियों की आंतरिक नीति पर निर्भर करता है। बैंक अपने जोखिम को ध्यान में रखते हुए तय करते हैं कि किसे कार्ड देना है और किसे नहीं।
खराब CIBIL स्कोर वालों के लिए कौन से विकल्प हैं?
अगर आपका CIBIL स्कोर खराब है, तब भी आपके लिए कुछ रास्ते खुले हुए हैं। सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प है सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड। इसमें आपको बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करानी होती है और उसी FD के बदले आपको कार्ड जारी किया जाता है। इसके अलावा, आप परिवार के किसी सदस्य के क्रेडिट कार्ड पर ऐड-ऑन कार्ड भी ले सकते हैं। कुछ फिनटेक कंपनियां और NBFC कम क्रेडिट लिमिट के साथ कार्ड ऑफर करती हैं, ताकि यूजर धीरे-धीरे अपनी क्रेडिट प्रोफाइल सुधार सके।
क्रेडिट कार्ड से कैसे सुधरेगा खराब CIBIL स्कोर?
अगर क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह खराब CIBIL स्कोर को सुधारने का मजबूत जरिया बन सकता है। समय पर बिल भुगतान करना, क्रेडिट लिमिट का 30–40% से ज्यादा इस्तेमाल न करना और नियमित उपयोग करने से 6 से 12 महीनों में स्कोर में अच्छा सुधार देखा जा सकता है। एक बार स्कोर बेहतर होते ही बिना FD वाले अनसिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड के रास्ते भी खुल जाते हैं।





