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Friday, March 6, 2026
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ज्वाइंट होम लोन में सह-आवेदक की मृत्यु हो जाए तो बची EMI चुकाने की किसकी जिम्मेदारी? जाने डिटेल में

घर खरीदने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। जिसमें घर की कीमत काफी बढ़ने के बाद ज्वाइंट होम लोन लेने वालो की संख्या तेजी से बढ़ी है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आजकल कई लोग होम लोन लेकर अपने घर का सपना पूरा करने में लगे हुए है जिसमें घर की कीमत ज्यादा बढ़ने के बाद ज्वाइंट होम लोन लेने वालो की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसकी सबसे बढ़ी वजह है कि, ज्वाइंट होम लोन पर बैंक अधिक रकम आसानी से देते हैं। ज्वाइंट होम लोन में आमतौर पर लोग अपनी पत्नी, माता-पिता या भाई-बहनको ही अपना को-आवेदक बनाते हैं। लेकिन अगर को-आवेदक की किसी कारण अकस्मात मृत्यु हो जाए तो सोचिए क्या होगा यानी अब लोन की बची हुई EMI कौन चुकाएगा, और वही इन सब के बीच प्रॉपर्टी का कानूनी उत्तराधिकारी कौन होगा? आइए आपके इन सभी सवालों के जवाब देते हैं। 

होम लोन में सह आवेदक की मृत्यु एक भावनात्मक और वित्तीय संकट दोनों को पैदा करता है, इसलिए लोन लेने के साथ इंश्योरेंस करना बिल्कुल नहीं भूलें। अगर ज्वाइंट होम लोन लिया गया है और दो को-आवेदक है उनमें एक की मृत्यु हो जाती है तो बची ईएमआई चुकाने की जिम्मेदारी दूसरे को-बॉरोअर की होती है। होम लोन लेते समय पेपर पर साइन करते समय जिम्मेदारी तय की जाती है कि,एक के नहीं रहने पर ईएमआई चुकाने की पूरी जिम्मेदारी दूसरे व्यक्ति पर होती है। 

EMI नहीं भरने पर क्या होगा?

अगर किसी कारणवश कोई भी ईएमआई नहीं भरता, तो बैंक SARFAESI एक्ट के तहत संपत्ति को जब्त कर सकता है। और नीलामी के लिए जो राशि मिलेगी, उसमें से लोन चुकता किया जाएगा और बची हुई रकम उत्तराधिकारी को लौटा दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी को निजी रूप से अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

लोन का इंश्योरेंस है तो टेंशन नहीं 

अधिकांश बैंक होम लोन देने के साथ ही उसका इंश्योरेंस करा लेते है। इसे लोन सुरक्षा बीमा भी कहते है। जो को-आवेदक के मृत्यु पर बकाया लोन चुकाता है। अगर ऐसा बीमा लिया गया हो और क्लेम स्वीकृत हो जाए तो परिवार पर कोई बोझ नहीं आता है। 

घर का मालिकाना हक किसे मिलेगा?

अब सवाल है कि, घर का मालिकाना हक किसे मिलेगा, तो उसका हिस्सा उत्तराधिकार कानून के तहत उत्तराधिकारी को मिल जाता है। अगर मृतक एकमात्र मालिक है तो, संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या वसीयत की आवश्यक होती है।

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