नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल ICICI बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट धारकों के लिए मिनिमम बैलेंस की सीमा 5 गुना बढ़ा दी है। मेट्रो और शहरी इलाकों के ग्राहकों को अब खाते में कम से कम 50,000 रुपये रखना होगा।
किस इलाके में कितना बैलेंस रखना होगा?
मेट्रो और शहरी इलाका 50,000 रुपये अर्ध-शहरी Semi-Urban 25,000 ग्रामीण इलाका 10,000 रुपये पहले मेट्रो और शहरी ग्राहकों के लिए यह सीमा 10,000 रुपये अर्ध-शहरी के लिए 5,000 रुपये और ग्रामीण के लिए 2,500 थी।
नहीं रखा बैलेंस तो लगेगा जुर्माना
अगर ग्राहक निर्धारित मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करते हैं, तो बैंक पेनाल्टी वसूलेगा। बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपना अकाउंट बैलेंस चेक करें और नए नियम का पालन करें। SBI 2020 में मिनिमम बैलेंस की शर्त पूरी तरह हटा दी थी। HDFC बैंक, मेट्रो/शहरी 10,000 अर्ध-शहरी 5,000 ग्रामीण 2,500 अन्य बैंक ₹2,000 से 10,000 तक का मिनिमम बैलेंस नियम।
ब्याज दर में भी कटौती कर चुका है बैंक
अप्रैल 2025 में ICICI बैंक ने सेविंग अकाउंट ब्याज दर 0.25% घटाकर 2.75% कर दी थी। 50 लाख रुपये से ऊपर के बैलेंस पर ब्याज 3.25% कर दिया गया है। बैंकिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ICICI अब ज्यादा अमीर ग्राहकों पर फोकस कर रहा है ताकि उन्हें इंश्योरेंस, ब्रोकरेज और वेल्थ मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स बेचे जा सकें। लो-बैलेंस अकाउंट वाले ग्राहकों से यह संभव नहीं होता,मनी मैनेजर्स का मानना है कि जैसे-जैसे देश का GDP बढ़ रहा है, वेल्थ का डिस्ट्रीब्यूशन असमान होता जा रहा है. इस वजह से बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स वेल्थ मैनेजमेंट में फोकस कर रहे हैं बैंकों को म्यूचुअल फंड्स, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज और प्राइवेट इक्विटी फंड्स से कॉम्पिटिशन मिल रहा है। RBI के गाइडलाइन्स के मुताबिक, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स (BSBDAs) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए अकाउंट्स में कोई मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं है. लेकिन, बाकी अकाउंट्स के लिए बैंक अपनी पॉलिसी के हिसाब से सर्विस चार्जेज लगा सकते हैं, बशर्ते वो रीजनेबल हों।





