नई दिल्ली, रफ्तार। टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और उनकी पत्नी नताशा स्टैनकोविच का तलाक हो चुका है। उनके बेटा अगस्त्य की परवरिश और पत्नी के गुजारे भत्ते को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। जबकि, दोनों में आपसी सहमति से तलाक हुआ है। कानून के जानकार बताते हैं कि हार्दिक-नताशा के सहमति से अलग होने में भरण-पोषण और बेटे के मेंटेनेंस के लिए रकम पहले ही निर्धारित हुई होगी। हां, गुजारा भत्ता या मेंटेनेंस को लेकर विवाद होता तो यह मामला फैमिली कोर्ट निर्धारित करता। अमूमन तलाक के बाद देखा जाता है कि गुजारे भत्ते के लिए विवाद होता है, जिसे फैमिली कोर्ट में सुलझाया जाता है। अगर, पति-पत्नी सहमति से तलाक लेते और दोनों कोर्ट में लिखकर देते हैं तो जज सिग्नेचर करते हैं। यह भी तलाक की प्रक्रिया है। इसमें 6 महीने लगते हैं। इस कारण हार्दिक और नताशा के तलाक के आधिकारिक फैसले की जानकारी 18 जुलाई को आई। मतलब दोनों ने सहमति से छह महीने पहले कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर चुके थे।
कोर्ट में तय रकम की देनी पड़ती है जानकारी
कानून के जानकारों का कहना है कि दोनों ने सहमति से निर्णय लिया है तो कोर्ट को सिर्फ लिखित जानकारी देनी होती है। फिर कोर्ट फैसले पर मुहर लगाती है। दोनों में पहले तय हुआ होगा कि हर महीने निश्चित रकम मिलेगी या एकमुश्त इतनी रकम ले लो। इसमें दोनों में जो शर्त तय हुई होगी, उसका पालन करना होगा। वन टाइम 10, 20, 50 करोड़ या 70 करोड़ की रकम नताशा ने ली है तो उसकी जानकारी और प्रमाण कोर्ट को देना पड़ा होगा। फिर हार्दिक की ओर से मामला खत्म।
बच्चे का मेंटेनेंस का इंडिपेंडेंस राइट
जानकार बताते हैं कि बच्चे का मेंटेनेंस का इंडिपेंडेंस राइट है। मां के तलाक से बच्चे के राइट्स खत्म नहीं होते। बच्चे की संपत्ति राइट्स मां खत्म नहीं कर सकती। अगर, हार्दिक ने अपनी संपत्ति मां-बाप के नाम कर दी है तो भी उस संपत्ति में हार्दिक के बेटे को हक मिलने में कोई रोक नहीं सकेगा। हार्दिक खुद की कमाई से बनाई संपत्ति किसी और को दे दे दिया है तो उसमें उसकी पत्नी का हक नहीं बनेगा। हार्दिक ने अपनी संपत्ति मां-बाप या भाई के नाम किया है तो भी उसमें पत्नी की हिस्सेदारी नहीं होगी। बच्चे के 18 साल का होने तक नेचुरल गार्जियन मां ही रहेगी। हार्दिक को बच्चे के मेंटेनेंस के लिए हर महीने अलग से पैसे देने होंगे। वह भी हार्दिक जिस स्टैंडर्ड में रहेंगे, उसके मुताबिक उनका बच्चा भी रहेगा। हार्दिक की अपनी संपत्ति 100-150 करोड़ रुपए की है। इसमें 91 करोड़ की प्रॉपर्टी में उनकी मां-बाप और भाई की हिस्सेदारी है। हार्दिक ने यह संपत्ति छह महीने पहले मां और भाई के नाम किया है। ऐसे में नताशा का इस संपत्ति पर एक पैसे का भी अधिकार न है और न होगा। ऐसे में हार्दिक ने बड़ी चालाकी से अपनी कमाई संपत्ति के बड़े हिस्से में पत्नी को न देकर बेटे को दे दी। ऐसे में हार्दिक का बेटा जब हार्दिक की उम्र का होगा तो अरबपति बन सकता है, क्योंकि मां-बाप के साथ दादा-दादी की पुश्तैनी संपत्ति पर उसका अधिकार होगा।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in




