नई दिल्ली, रफ्तार। भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी हल्दीराम (Haldiram) अपनी बड़ी हिस्सेदार बेच रही है। इसे प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन (Blackstone) खरीद रही है। इस डील से हल्दीराम को 70 हजार करोड़ रुपए मिल सकते हैं। ब्लैकस्टोन एवं उसके कंसोर्टियम पार्टनर अबु धाबी इवेस्टमेंट अथॉरिटी और सिंगापुर जीआईसी हैं। ये हल्दीराम के प्रमोटर अग्रवाल फैमिली के सदस्यों के साथ बात कर रहे हैं। पहले महंगे वैल्यूएशन की वजह से बातचीत में पेंच फंसा था। कुछ हफ्तों के बाद फिर डील पर बात शुरू हो गई है।
76 प्रतिशत हिस्सेदार की तैयारी
कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्लैकस्टोन की कंसोर्टियम हल्दीराम में 76% हिस्सेदारी खरीदने वाली है। अग्रवाल फैमिली कंपनी में 76 फीसदी कंट्रोलिंग स्टेक ब्लैकस्टोन कंसोर्टियम को नहीं बेचना चाह रही है। परिवार के सदस्य बिजनेस में अपनी अधिक हिस्सेदारी कायम रखना चाहते हैं। परिवार के कुछ सदस्य 51 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाह रहे हैं, लेकिन 74 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर सहमति बनने की संभावना है।
IPO के माध्यम से शेयर बेच सकती है हल्दीराम
ब्लैकस्टोन के साथ हल्दीराम की डील हुई तो भारत के इतिहास में सबसे बड़ी प्राइवेट इक्विटी डील होगी। वैसे, कुछ रिपोर्ट में आशंका जताई गई है डील टूट सकती है। इसकी वजह बताई गई है कि हल्दीराम के प्रमोटर आईपीओ के माध्यम से भी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर सकते हैं। दिल्ली और नागपुर स्थित अग्रवाल परिवार बिजनेस को मर्ज करने की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को मर्ज कर हल्दीराम स्नैक फूड प्राइवेट लिमिटेड बनाया जा रहा है। नई कंपनी में दिल्ली ब्रांच की 56 फीसदी और नागपुर के ब्रांच की 44 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने मर्जर की मंजूरी दे दी है। जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
8 से 8.5 बिलियन डॉलर ही देने को ब्लैकस्टोन तैयार
ब्लूमबर्ग ने पिछले महीने कहा था कि अग्रवाल परिवार कारोबार का आईपीओ लाने पर भी विचार कर रहा है। प्रमोटर 12 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन चाह रहे हैं, लेकिन प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 8 से 8.5 बिलियन डॉलर से अधिक वैल्यूएशन देने के लिए नहीं मान रहे हैं।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें– https://www.raftaar.in




