back to top
21.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Google और Meta की बढ़ीं मुश्किलें: ED का समन, सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार में शामिल होने का आरोप,जानिए पूरा मामला

टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनियां गूगल और मेटा अब ED के रडार पर हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में ED ने दोनों कंपनियों को समन जारी कर उनके प्रतिनिधियों पेश होने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनियां गूगल और मेटा अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में ईडी ने दोनों कंपनियों को समन जारी कर उनके प्रतिनिधियों को 21 जुलाई को दिल्ली मुख्यालय में पेश होने को कहा है। यह मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्लिकेशनों के प्रचार और अवैध फंड ट्रांजैक्शन से जुड़ा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

ईडी का आरोप है कि गूगल और मेटा ने सट्टेबाजी ऐप्स को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमोट किया और इन ऐप्स को विज्ञापनों के जरिए यूज़र्स तक पहुंचाने में मदद की। जांच एजेंसी अब प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन कंपनियों ने कानून का उल्लंघन किया है।

मुंबई में छापेमारी के बाद आया नाम

यह कार्रवाई तब सामने आई जब हाल ही में ईडी ने मुंबई के चार ठिकानों पर डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में छापेमारी की थी। इस छापेमारी में 3.3 करोड़ रुपये कैश, महंगी घड़ियां, विदेशी मुद्रा, सोना-चांदी और लक्ज़री गाड़ियां जब्त की गई थीं।

कौन-कौन से ऐप्स हैं शक के घेरे में?

ईडी की जांच में जिन ऐप्स के नाम सामने आए हैं उनमें शामिल हैं VMoney, Standard Trades Ltd, VM Trading, I Bull Capital Ltd. 11Starss, LotusBook, GameBetLeague इन ऐप्स पर आरोप है कि ये अवैध ट्रेडिंग और सट्टेबाजी गतिविधियों में शामिल हैं और इन्हें व्हाइट लेबल प्लेटफॉर्म्स के जरिए चलाया जा रहा था। इनके एडमिन राइट्स मुनाफे के आधार पर बांटे जा रहे थे।

कैसे जुड़े गूगल और मेटा?

अधिकारियों का कहना है कि गूगल और मेटा ने इन ऐप्स को प्रमुख विज्ञापन स्लॉट्स दिए और इनके लिए डिजिटल प्रमोशन किया, जिससे इनकी पहुँच और लोकप्रियता बढ़ी। इससे अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों को बढ़ावा मिला और पैसे की हेराफेरी (हवाला) को अंजाम दिया गया। ईडी अब दोनों कंपनियों से यह जानना चाहती है कि क्या उन्हें पता था कि ये ऐप्स अवैध हैं? किन नियमों के तहत उन्हें विज्ञापन की अनुमति दी गई? इन कंपनियों को इससे कितना राजस्व प्राप्त हुआ? अगर जांच में ईडी को ठोस सबूत मिलते हैं, तो गूगल और मेटा को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। गूगल और मेटा के खिलाफ यह मामला डिजिटल जिम्मेदारी और विज्ञापन पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा अलर्ट है। आने वाले दिनों में यह केस भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी और रेगुलेशन के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे जैसे निवेश के नए नए तरीके सामने आ रहे हैं वैसे वैसे लोग उन्हें अपनाते जा रहे है। हालांकि एक...
spot_img

Latest Stories

20 साल से इसी दिन का इंतजार था: कौन है कमल सिंह जामवाल? जिसने फारूक अब्दुल्ला पर तान दी बंदूक

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल...

बालों ने कर दिया है परेशान, तो घर पर बनाए इन चीजों से सिरम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। बाल औरत की खूबसूरती का...

Vastu Tips: आज गुरुवार के दिन करें ये उपाय, किस्मत का खुल जाएगा बंद ताला

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज गुरुवार का दिन बहुत...